ईश्वर के अस्तित्व से सम्बंधित बहस सदियों से चली आ रही है लेकिन यदि इस बहस में शामिल दार्शनिक भारत के मंदिरों का दौरा करेंगे तो उनके सामने चौंकाने वाले रहस्य आएंगे। इन गूढ़ कृतियों में से एक है कानपुर के बेहटा बुजुर्ग में स्थित ‘जगन्नाथ मंदिर’, जो रहस्यमय ढंग से सटीक मौसम की भविष्यवाणियों को करने के लिए जाना जाता है। मंदिर की इस अनोखी विशेषता ने विज्ञान के प्रति उत्साही लोगों को स्तब्ध कर दिया है। वर्षा मंदिर के रूप में प्रसिद्ध, हम आपके लिए इस मदिर के बारे में कुछ तथ्य लेकर आये हैं। 

बौद्ध काल की अनूठी स्थापत्य कला 

यह मंदिर हिंदू भगवान ‘जगन्नाथ’ और उनके भाई ‘बलराम’ और ‘सुभद्रा’ का घर है। जन्माष्टमी के त्योहार के दौरान हर साल यहां एक बड़े मेले का आयोजन किया जाता है। वर्तमान समय में, इस मंदिर का परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (Archaeological Survey of India) की देखरेख में है।

कुछ इतिहासकारों ने बताया है की यह मंदिर 9वीं शताब्दी के बौद्ध काल से है और यह मंदिर 100 से अधिक वर्षों से बारिश की भविष्यवाणी करने में मदद कर रहा है। कई विज्ञान विशेषज्ञों ने क्षेत्र का सर्वेक्षण किया है और उनका मानना है की मंदिर की इस रहस्यमय विशेषता का कारण मंदिर की अनूठी वास्तुकला है।

मानसून का मौसम आने से लगभग दो सफ्ताह पहले, इस मंदिर की छत पर पानी की बूंदें जमा हो जाती हैं। इस घटना को देखने के लिए भक्त बड़ी संख्या में इकट्ठा होते हैं और बूंदों के आकार और घनत्व के आधार पर उन्हें पता चलता है कि भारी बारिश होगी या सूखा रहेगा।

मौसम की भविष्यवाणी के अलावा, इस मंदिर की एक महत्वपूर्ण विशेषता इसका नीला चक्र है, जो बिजली के कंडक्टर के रूप में कार्य करता है। इस स्थापत्य कौशल के कारण, इस मंदिर को कभी भी गरज के साथ बिजली से नुक्सान नहीं हुआ और इसकी मूल संरचना सदियों से बरकरार है। हालाँकि, इस पत्थर की संरचना की भव्यता समय के बदलावों के कारण पहले जैसी नहीं है। 

Knock Knock

ऐसा माना जाता है कि अगर कोई भक्त पूरे तन मन और शुद्ध इरादे से यहां एक इच्छा मांगता है, तो उसकी मनोकामना पूरी होती है। इसे विश्वास या अंधविश्वास जो भी कहें, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि इस जगह की आभा जादुई है। तो आप ज़रूर, महामारी के प्रभावों के कम होने के बाद स्वयं इस मंदिर की भव्यता का अनुभव करें,क्यूंकि महामारी के घातक प्रभाव जो हम सबने मिलकर देखे हैं, उनके बाद मंदिर की पवित्र आभा निश्चित रूप से आपके अंतर्मन को शांत करेगी। 

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