उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण का कहर अब काफी हद तक काबू में है, आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार नए मामलों में भारी कमी आई है, रिकवरी रेट बढ़ा है और मृत्यु दर भी पहले से कम हुआ है। बीते रविवार 30 मई को हुई मुख्यमंत्री की बैठक में फैसला लिया गया कि जिन जिलों में कोरोना के एक्टिव केस 600 से कम हैं वहां कर्फ्यू में कुछ शर्तों के साथ ढील दी जाएगी। इसी के चलते प्रदेश में कानपुर समेत 55 जिलों को कोरोना कर्फ्यू में ढील दी गई है। रात्रिकालीन कर्फ्यू और वीकेंड लाकडाउन का पालन करना होगा। कानपुर की बात करें तो यहां सप्ताह में पांच दिन के लिए बाजार खोलने की छूट दी गई है। इस दौरान आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सबकुछ बंद रहेगा। डीएम आलोक तिवारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि बाजार, दुकान, फल, सब्जी आदि की दुकानों पर दो गज की दूरी और मास्क की अनिवार्यता रहेगी। इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। साप्ताहिक बंदी के दिन मेडिकल स्टोर, मास्क, सैनिटाइजर के प्रतिष्ठान खुलेंगे। पेट्रोल पंप भी खुलेंगे।

वहीं प्रदेश के 20 जिलों को कोरोना कर्फ्यू में फ़िलहाल कोई छूट नहीं दी गई है, इन जिलों में कोरोना कर्फ्यू के सभी नियम और प्रोटोकॉल यथावत रहेंगे। इन जिलों में लखनऊ, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, बरेली, मेरठ, सहारनपुर, वाराणसी, जौनपुर, बागपत, मुरादाबाद, गाजीपुर, बिजनौर, गोरखपुर, लखीमपुर खीरी, सोनभद्र, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, झांसी, प्रयागराज और देवरिया शामिल हैं।

कानपुर के लिए नई कोरोना गाइडलाइन जारी

सप्ताह में दो दिन शनिवार और रविवार को ही साप्ताहिक बंदी रहेगी।

कानपुर में दुकानें और बाजार सप्ताह में पांच दिन, सुबह 7 से शाम 7 बजे तक खुलेंगे।

कोचिंग संस्थान, सिनेमा, जिम, स्वीमिंग पूल, क्लब्स एवं शापिंग मॉल्स पूर्णतः बंद रहेंगे।

फ्रंटलाइन सरकारी विभागों में पूरा स्टाफ आएगा। बाकि सरकारी कार्यालय अधिकतम 50% उपस्थिति के साथ खुलेंगे।

राजस्व व चकबंदी न्यायालय कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए खोले जाएंगे।

प्राइवेट कंपनियों के कार्यालय भी मास्क की अनिवार्यता के साथ खोले जा सकेंगे। औद्योगिक संस्थान खुले रहेंगे।

दोपहिया वाहन सवारों को निर्धारित सीट क्षमता के अनुसार चलने की अनुमति होगी।

सब्जी मंडी पहले की तरह खुली रहेंगी।

कंटेनमेंट जोन को छोड़कर शेष स्थानों पर मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा आदि धर्म स्थलों में एक समय में पांच लोग ही रहेंगे।

बैंक, बीमा कंपनियां, वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनियों को भी खोलने की अनुमति मिलेगी।

औद्योगिक प्रतिष्ठानों, निजी कार्यालयों, सरकारी कार्यालयों में कोविड हेल्प डेस्क बनानी होगी। वहां थर्मल स्कैनर, पल्स ऑक्सीमीटर आदि रखना अनिवार्य होगा। 

तीन पहिया वाहनों , आटो रिक्शा, बैटरी चालित रिक्शा में चालक समेत सिर्फ तीन लोगों के बैठने की अनुमति होगी। इसके साथ ही चार पहिया वाहनों में केवल चार लोग बैठेंगे। 

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