पहली मेट्रो ट्रेनों के स्वागत की तैयारी में कानपुर मेट्रो के पॉलिटेक्निक डिपो को अत्याधुनिक उपकरणों और मशीनों से लैस किया जा रहा है। हाल ही में, परिसर में ‘फुली ऑटोमेटिक सीएनसी अंडर फ्लोर पिट व्हील लेथ मशीन’ (‘Fully Automatic CNC Under Floor Pit Wheel Lathe Machine) की स्थापना की गई, जो मेट्रो के पहियों के रखरखाव और मरम्मत में मदद करेगी। जिस गति से नए विकास हो रहे हैं, उससे यह उम्मीद की जा सकती है कि कानपुर मेट्रो का काम समय पर पूरा हो जाएगा और यात्रियों को जल्द ही राहत मिलेगी। 

6 और मशीनें लगाने के लिए प्रयास जारी हैं

रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने छह और मशीनें लगाने की योजना भी शुरू कर दी है। उम्मीद की जा रही है कि इस महीने के अंत तक ये सभी मशीनें सुविधा में स्थापित कर दी जाएंगी। कथित तौर पर, UPMRC के एक अधिकारी ने बताया कि बार-बार ब्रेक ट्रैक पर चलते-चलते व ब्रेक लगने से मेट्रो ट्रेन के पहिये असंतुलित रूप से घिस जाते हैं। इस प्रकार, पहियों की अवस्था को संतुलित बनाए रखने के लिए फ़्लोर पिट व्हील लेथ मशीन एक महत्वपूर्ण उपकरण है। 

इसके अलावा, फ़ुली ऑटोमैटिक सिंक्रोनाइज्ड पिट जैक मशीन (मेंटेनेंस के दौरान ट्रेन कोच को उठाने और नीचे करने के लिए), फ़ुली ऑटोमैटिक सिंक्रोनाइज़्ड मोबाइल जैक (इसका काम भी पिट जैक की तरह ही होता है, बस इसे एक जगह से दूसरी जगह भी ले जाया जा सकता है), बोगी टर्न टेबल (मेंटेनेंस के दौरान मेट्रो कोच की बोगी/पहियों को एक ट्रैक से दूसरे ट्रैक पर ले जाने के लिए), ऑटोमैटिक ट्रेन वॉश प्लांट (मेट्रो ट्रेनों की ऑटोमैटिक सफ़ाई के लिए), इलेक्ट्रिक बोगी शंटर (मेट्रो ट्रेन को एक ट्रैक से दूसरे ट्रैक पर ले जाने के लिए),  री-रेलिंग ऐंड रेस्क्यू व्हीकल (मेन लाइन या डिपो के अंदर डी-रेल होने या पटरी से उतरने की स्थिति में मेट्रो कोच को वापस ट्रैक पर लाने के लिए) जैसी प्रमुख मशीनें लगाई जाएंगी।

आइआइटी कानपुर से मोतीझील तक ट्रैक बीम लगाया गया है

रिपोर्ट के अनुसार, आईआईटी कानपुर को मोतीझील से जोड़ने वाले कानपुर मेट्रो के पहले कॉरिडोर के सभी 9 स्टेशनों पर ट्रैक बीम लगाए गए हैं। जहां अन्य 8 स्टेशनों को यह सुविधा पहले मिल चुकी थी, वहीं मोतीझील स्टेशन पर ट्रैक बीम की स्थापना शनिवार को की गई।

इसके अलावा, आईआईटी से कल्याणपुर मेट्रो स्टेशन तक ट्रैक बिछाया गया है, और अन्य चीजों के साथ सिग्नलिंग (signalling), लाइटिंग से जुड़े कार्यों में भी तेजी लाई गई है। परियोजना की गति को देखते हुए, यह कहा जा सकता है कि सेवा तय समय पर चालू हो जाएगी।

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