आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर ने भारत में एक स्वदेशी ऑक्सीजन निर्माण के क्षेत्र में एक विशेष उपलब्धि हासिल की है। स्टार्टअप सेल ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, हरियाणा और बिहार में ऑक्सीजन पैदा करने वाले 10 प्लांट स्थापित किए हैं। यह स्थापना,एक्वाफ्रंट इन्फ्रास्ट्रक्चर द्वारा मिशन भारत ओ 2 के बैनर तले की गयी है। एआईपीएल द्वारा डिजाइन किए गए प्रत्येक प्लांट में 500 से 600 एलपीएम तक ऑक्सीजन उत्पन्न करने की क्षमता है।

पूरे भारत में ऑक्सीजन सप्लाई के संसाधनों को बढ़ावा देना

यह पहल कोरोनोवायरस की ‘तीसरी लहर’ से पहले भारत की ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता को बढ़ावा देने के लिए की गयी है। प्रतिष्ठित आईआईटी ने मई 2021 में मिशन भारत O2 लॉन्च किया था। इस मिशन के तहत हाल ही में, एसआईआईसी और स्टार्टअप एक्वाफ्रंट इंफ्रास्ट्रक्चर (startup Acquafront Infrastructure) ने देश भर में सफलतापूर्वक 10 ऑक्सीजन केंद्र स्थापित किए हैं। इस सहायता का उद्देश्य देश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना और वैश्विक मानकों के अनुसार आत्मनिर्भर तकनीकों और संसाधनों को बढ़ावा देना है, ताकि देश में ऑक्सीजन की सप्लाई को बढ़ाया जा सके।

कथित तौर पर, एआईपीेल ने कोरोना की दूसरी लहर के दौरान PSA प्रौद्योगिकी-आधारित ऑक्सीजन प्लांटों का डिजाइन और निर्माण किया था। इसे कोलकाता और हलोल में स्थित 2 एसएमई द्वारा समर्थित किया गया था, जिन्होंने मिशन भारत ओ 2 के निर्माण भागीदारों के रूप में काम किया था। ये इकाइयाँ 500 से 600 एलपीएम् तक मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन उत्पन्न कर सकती हैं।

कोरोना को मात देने के लिए तकनीक और प्रौद्योगिकी का उपयोग 

स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर ने ‘मिशन भारत O2’ के तहत योजनाओं के सफल निष्पादन के लिए दुनिया भर के विभिन्न डोमेन के विशेषज्ञों को एकत्रित किया। इनक्यूबेशन सेल कनाडा से डॉ अरविंद राजेंद्रन, स्विट्जरलैंड से देवेंद्र चौधरी, मोनोजीत चौधरी, निर्मल सराफ, संजीव वर्मा, संजय बनर्जी, राजेश रायजादा,नागेश पाई भी कनाडा से,यूएसए से संजीव मद्दीला और अन्य विशेषज्ञों को इस प्रमुख कार्यक्रम के मेंटर के रूप में लाया गया। ।

स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर के प्रोफेसर-इन-चार्ज प्रोफेसर अमिताभ बंद्योपाध्याय ने कहा, “जब दुनिया 2020 में कोरोना को समझने के लिए संघर्ष कर रही थी, SIIC टीम ने 90 दिनों के भीतर, सख्त समय सीमा के बीच, महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरण वितरित किए। देश को संकट में देखकर , हमें एक बार फिर फिर से कदम बढ़ाना पड़ा – मिशन भारत ओ 2 वैश्विक मानकों के समान तकनीकों के साथ राष्ट्र की सेवा करने के लिए टीम के उत्साह का परिणाम है। 

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