वर्तमान समय में न्यूयॉर्क में ‘एक्सोडस पॉइंट कैपिटल मैनेजमेंट’ (Exodus Point Capital Management in New York) में चीफ रिस्क ऑफिसर (Chief Risk Officer) के रूप में कार्यरत, ‘डॉ देव जोनेजा’ (Dr. Dev Joneja) आईआईटी कानपुर को शीर्ष दान करने वालों में से एक हैं। वर्षों से, उन्होंने अपने उदार दान के माध्यम से अपने शैक्षणिक संस्थान को बढ़ावा दिया है। 1,75,000 अमरीकी डालर (1.27 crore) का योगदान उन्होंने आईआईटी कानपुर में मानविकी और सामाजिक विज्ञान विभाग (Humanities and Social Science Department) में ‘पवितर जोनेजा फैकल्टी चेयर’ (Pavitar Joneja Chair) की स्थापना के लिए किया है।

आईआईटी कानपुर की उत्कृष्टता में सहायक

डॉ. देव जोनेजा, द्वारा स्थापित पवितर जोनेजा चेयर, एचएसएस विभाग में उनकी मां के सम्मान में स्थापित किया जाना है, जो अंग्रेजी, ललित कला, दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान और समाजशास्त्र जैसे विषयों में संलग्न है। यह फैकल्टी चेयर ज्ञान के प्रसार को बढ़ावा देने के लिए और प्रशिक्षण पद्धति विकसित करने के लिए स्थापित किया गया है। यह नए तरीकों के माध्यम से रिसर्च और नेतृत्व में उत्कृष्टता को भी बढ़ावा देगा।

डॉ. जोनेजा द्वारा अन्य योगदान

डॉ. जोनेजा ने पहले आईआईटी कानपुर के सिविल इंजीनियरिंग विभाग में अपने पिता के सम्मान में ‘अर्जुन देव जोनेजा फैकल्टी चेयर’ (Arjun Dev Joneja Faculty चेयर) की स्थापना की थी। उन्होंने 1984 के चेयर की कक्षा, संस्थान के कैंपस वर्कर्स के लिए भी दान दिया है और संस्थान में ज़रूरतमंद छात्रों की ऑनलाइन शिक्षा में भी योगदान दिया है।

डॉ. जोनेजा के बारे में

डॉ. देव जोनेजा ने 1984 में आईआईटी कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई पूरी की और 2009 से, वे एक्सोडस पॉइंट कैपिटल मैनेजमेंट में मुख्य जोखिम अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले वह ‘लेहमैन ब्रदर्स’ ( Lehman Brothers) और ‘बार्कलेज कैपिटल’ (Barclays Capital) के साथ काम कर चुके हैं। इन प्रोफेशनल कार्यों के अलावा, डॉ. जोनेजा ने ‘कोलंबिया विश्वविद्यालय के ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस’ (Columbia University’s Graduate School of Business) में एक फैकल्टी मेंबर के रूप में भी काम किया है।

नॉक-नॉक 

तकनीकी क्षेत्रों में करियर बनाने वाले छात्र अक्सर मानविकी और सामाजिक विज्ञान की सराहना नहीं करते हैं, हालांकि, डॉ. जोनेजा द्वारा यह उदार दान इन विषयों के महत्व पर प्रकाश डालता है। इसके अलावा, यह उदार और निस्वार्थ योगदान छात्रों और फैकल्टी सदस्यों के लिए एक शैक्षिक वातावरण तैयार करेगा, जिससे आईआईटी कानपुर में शिक्षा को और समर्थन मिलेगा।

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