राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देते हुए, कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में जल्द 12 नए सुपर-स्पेशियलिटी विभागों में ओपीडी सेवायें शुरू होंगी। केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों से स्थापित होने वाली इस मल्टी-सुपर स्पेशियलिटी से करीब 10 से 12 जिलों के मरीजों को फायदा होगा। कथित तौर पर, प्रशासन ने अधिकारियों को 2 महीने के भीतर इस नयी सुविधा में बिजली और पानी की सप्लाई पर ध्यान देने का आदेश दिया है।

कुल 60 विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए 240 बिस्तरों की सुविधा

रिपोर्ट के अनुसार, कॉलेज प्रबंधन ने इस केंद्र पर 60 विशेषज्ञ डॉक्टरों को तैनात करने के लिए कहा है। कथित तौर पर, 240-बेड वाले मल्टी-सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक को लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है।

हाल ही में केंद्रीय प्रशासन ने परियोजना प्रबंधक को बुलाकर 100 दिनों के भीतर कार्य समाप्त करने का निर्देश दिया था। इसके अलावा, राज्य सरकार को भी मामले को देखने के लिए कहा गया था और स्थानीय अधिकारियों को पानी और बिजली की उपलब्धता को तुरंत देखने के निर्देश दिए गए हैं।

संस्थान में अलग न्यूरोरेडियोलॉजी विभाग स्थापित किया जाएगा

कथित तौर पर, ओपीडी सेवाएं एंडोक्रिनोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, दर्द और उपशामक देखभाल, ऑर्थोप्लास्टी, गैस्ट्रो मेडिसिन, न्यूरोसर्जरी, न्यूरोलॉजी, फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन, पीडियाट्रिक सर्जरी और गैस्ट्रो सर्जरी सहित कई विषयों में शुरू की जाएंगी। रिपोर्ट् में कहा गया है कि हर सेक्टर में 5 लोगों की एक फैकल्टी को रोजगार दिया जाएगा। इसमें एक प्रोफेसर, एक एसोसिएट प्रोफेसर, एक असिस्टेंट प्रोफेसर, एक सीनियर रेजिडेंट और एक रेजिडेंट शामिल होंगे।

रिपोर्ट के अनुसार, संस्थान में न्यूरोरेडियोलॉजी का एक अलग विभाग स्थापित किया जा रहा है। जांच को विस्तृत करने के लिए इस केंद्र में रीढ़, मस्तिष्क और तंत्रिकाओं की केंद्रित रेडियोलॉजिकल जांच की जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार इस विभाग के लिए आधुनिक सीटी स्कैन मशीन, एमआरआई मशीन और ईसीजी मशीन मंगवाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, इस नए केंद्र के लिए कलर डॉप्लर और उन्नत डिजिटल एक्स-रे मशीनें भी खरीदी जाएंगी।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *