इस कहावत को ‘आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है’ को सच साबित करते हुए, कानपुर के बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र ने ऐसी का एक इकोफ्रैंडली विकल्प बनाया है। छात्र ने वर्तमान में बाजार में उपलब्ध एसी के स्थान पर एक नया सोलर पॉवर्ड एयर कंडीशनर विकसित किया है। यह प्रोटोटाइप मॉडल कंप्रेसर का उपयोग नहीं करता है और इस प्रकार, ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को समाप्त करता है जो ग्लोबल वार्मिंग का कारण बनते हैं। कथित तौर पर, इस नए एसी की कीमत सामान्य ऐसी की अपेक्षा कम होगी, जिससे यह लोगों के लिए एक किफायती और लोकप्रिय विकल्प बन जाएगा।

8 घंटे के पावर बैकअप के साथ बैटरी से चलने वाला सोलर एसी

कानपुर के रूमा में एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज के बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र समरजीत सिंह ने ग्लोबल वार्मिंग की बढ़ती चिंताओं के लिए एक सोलर एसी डिजाइन किया है। एक 18-वाट के सोलर पैनल, एक 12-वोल्ट बैटरी, एक पंखा और एक डिजिटल थर्मामीटर से के साथ यह ऐसी बैटरी से कनेक्ट होने पर 8 घंटे का पावर बैकअप प्रदान कर सकता है। यह एक कंप्रेसर का उपयोग नहीं करता है, जो इसकी लागत के साथ-साथ पर्यावरण में होने वाली दुष्प्रभावों को भी कम करता है।

रिपोर्ट के अनुसार, इस पर्यावरण के अनुकूल एसी को बनाने का विचार उमस के मौसम में समाधान खोजने की आवश्यकता से और पर्यावरण को प्रदूषित न करने की आवश्यकता से उपजा है। समरजीत सिंह ने सोलर एसी की अवधारणा को अपने कॉलेज के शिक्षकों के साथ साझा किया, जिन्होंने प्रोटोटाइप बनाने के लिए मदद और समर्थन किया। इस प्रोटोटाइप का उपयोग एयर कंडीशनर की पहली पीढ़ी के मॉडल को बनाने के लिए किया जाएगा।

बैटरी से चलने वाले इस एसी की कीमत बाजार में उपलब्ध कमर्शियल एसी की तुलना में कम होने की उम्मीद है। यह मॉडल ऑटो-रिक्शा या ई-रिक्शा में उपयोग के लिए भी उपयुक्त है, क्योंकि यह किसी भी बिजली या इंजन तेल का उपयोग नहीं करता है।

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