मुख्य बिंदु

कानपुर मेट्रो में एक महीने में 4 लाख यात्रियों ने सफर किया।
मेट्रो से रोजाना सफर करने वालों की संख्या 6 से 7000 है।
1 जनवरी को नए साल के अवसर पर करीब 45000 यात्रियों ने सफर किया था।
गणतन्त्र दिवस के दिन यात्रियों की संख्या 17000 तक पहुंच गई थी।
कानपुर मेट्रो का पांचवां कोच 26 जनवरी को मेट्रो डिपो पंहुचा।
पांचवें कोच के आने से यात्रियों को मेट्रो के लिए देर तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

कानपुर में 28 दिसंबर को मेट्रो को कमर्शियल रूप से आम जनता के लिए शुरू किया गया था और आज 28 जनवरी को कानपुर मेट्रो को शुरू हुए पूरे एक महीना हो गया है। इस एक महीने के दौरान मेट्रो से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या 4 लाख के करीब पहुंच चुकी है जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। कानपुर में मेट्रो से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की औसत संख्या 13000 के करीब है। वहीं, 1 जनवरी को नए साल के अवसर पर करीब 45000 यात्रियों ने सफर किया था जो रोजाना की संख्या से अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा है।

इसके साथ ही गणतन्त्र दिवस के दिन यात्रियों की संख्या 17000 तक पहुंच गई थी। अगर सामान्य दिनों की बात करें तो मेट्रो में रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की संख्या 6 से 7000 के करीब है। इस दौरान करीब 47 यात्रियों का मेट्रो में सफर के दौरान सामान छूटा जिसे मेट्रो के कर्मचारियों ने सुरक्षित उसके मालिक को वापस लौटाया। इसमें 2 मोबाइल, 15 बैग, 6 पर्स, 2 कागजात, 1 बैंक कार्ड, 2 इलेक्ट्रॉनिक गैजेट समेत 19 अन्य सामान लोगों को वापस किया गया। कानपुर मेट्रो में सबसे ज्यादा यात्रियों की संख्या मोतीझील पर है जो फिलहाल नंबर 1 पर है। मोतीझील स्टेशन पर सबसे ज्यादा टिकट बिक रहे हैं। इसके बाद रावतपुर स्टेशन दूसरे और आईआईटी स्टेशन तीसरे नंबर पर है।

कानपुर में मेट्रो डिपो में आए पांचवीं मेट्रो ट्रेन के कोच

कानपुर मेट्रो की पांचवीं ट्रेन के कोच गणतन्त्र दिवस की सुबह डिपो में पहुंचे। अभी प्राथमिक कॉरिडोर के लिए तीन और ट्रेन के कोच आने हैं। कानपुर मेट्रो के चार कोच अब तक आ चुके थे। 26 जनवरी की सुबह पांचवीं ट्रेन के कोच भी मेट्रो के डिपो में पहुंच गए। पहली ट्रेन के कोच 29 सितंबर को आए थे। प्राथमिक कॉरिडोर में मेट्रो को आठ ट्रेने चाहिए।

मेट्रो के पहले प्राथमिक कॉरिडोर में आईआईटी से मोतीझील तक कुल 9 स्टेशन है और सभी स्टेशन एलिवेटेड है। मेट्रो सेवा सुबह 6 बजे शुरू होती है और रात 10 बजे तक चलती है। इस ट्रैक पर फिलहाल चार ट्रेनें दौड़ रही हैं। सभी ट्रेन तीन कोच की है। पांचवीं ट्रेन के शुरू हो जाने से फ्रीक्वेंसी बढ़ जाएगी और लोगों को मेट्रो जल्दी जल्दी मिलने लगेगी जिससे यात्रियों का समय बचेगा।

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