कोरोना महामारी के बीच मौजूदा हालात को देखते हुए, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (Indian Institutes of Technology) कानपुर में स्नातक छात्रों को कई प्रकार की छूट दी गई हैं। आईआईटी कानपुर के निदेशक अभय करंदीकर ने घोषणा की, कि यूजी कार्यक्रमों में, 2020-21 बैच के किसी भी छात्र को शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर कॉलेज से नहीं निकाला जाएगा। इसके अतिरिक्त, छात्रों के पास किसी भी प्रकार के कोर्स में 18 क्रेडिट (या दो कोर्स) को हटाने का विकल्प भी है।


कोरोना वायरस महामारी के बीच, कानपुर के प्रमुख प्रौद्योगिकी संस्थान, आईआईटी कानपुर ने शैक्षणिक आकलन के दबाव को कम करके अपने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी है। एक ट्वीट में, संस्थान के निदेशक, अभय करंदीकर ने कहा कि अकादमिक सीनेट ने छात्रों के लाभ के लिए "कई विशष उपाय" किए हैं। इस वर्ष किसी छात्र को निकला नहीं किया जाएगा और 'नो फेल' ग्रेड दिया जाएगा, लेकिन प्रशिक्षक छात्रों को डी-रजिस्टर (de-register) कर सकते हैं।

इसके अलावा, आईआईटी कानपुर में स्नातक बैच के छात्र उन लैब कोर्सेस से भी छूट का लाभ उठा सकता हैं, जो 2021 के शैक्षणिक वर्ष के सेमेस्टर या 2021 के समर टर्म (summer term) के दौरान पेश नहीं किए गए थे। इसके अलावा, छात्रों द्वारा 18 क्रेडिट की छूट का लाभ उठाया जा सकता है। करंदिकर ने एक ट्वीट में कहा, "मेरा मानना ​​है कि शैक्षणिक सीनेट द्वारा अनुमोदित उपरोक्त उपाय छात्रों की चिंता को कम करने में बहुत मदद करेंगे।"