उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर के बिल्हौर के छोटे से कस्बे के रहने वाले इंजीनियर आकाश अवस्थी ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आकाश अवस्थी ने अमेरिका की ह्यूस्टन यूनिवर्सिटी (University of Houston) की 1.5 करोड़ की स्कॉलरशिप पाकर आकाश ने जिले का नाम रोशन किया है। आकाश का चयन 5 साल के लिए पीएचडी प्रोग्राम में हुआ है और अब अमेरिका में ही रहकर कंप्यूटर साइंस पर शोध करेंगे। आकाश के पिता प्रदीप अवस्थी परचून की दुकान चलाते हैं, उनकी पत्नी पूनम गृहिणी हैं और उनके 2 बेटे 'आकाश' और 'आकर्षित' हैं।

आईआईटी कानपुर और भाभा एटामिक रिसर्च सेंटर में भी काम कर चुके है आकाश


आकाश ने बताया कि बिल्हौर में कक्षा 8 तक शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद रामबाग कानपुर में बुआ के घर पर रहकर कक्षा 9 से इंटर तक जय नरायन विद्या मंदिर कालेज में पढ़ाई की। तमिलनाडु के मदुरई में कालासलिंगम विश्वविद्यालय (Kalasalingam University ) में कंप्यूटर सांइस से बीटेक किया। बीटेक करने के दौरान कालेज की ओर से आइआइटी कानपुर (IIT Kanpur), भाभा एटामिक रिसर्च सेंटर (Bhabha Atomic Research Center) में रिसर्च वर्क किया।

आकाश ने बताया कि मार्च 2021 में यूनिवर्सिटी की ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा में कई वैज्ञानिकों के इंटरव्यू, लिखित परीक्षा के बाद उनका चयन इलेक्ट्रानिक इंजीनियरिंग के कंप्यूटर साइंस के पीएचडी प्रोग्राम के लिए हुआ है। रिसर्च के दौरान थियोरेटिकल कंप्यूटर साइंस (Theoretical Computer Science), कंप्यूटर डाटा यूजेस (Computer Data Usage) और भविष्य में कंप्यूटर में होने वाले नए-नए बदलावों पर शोध करना है। यूनिवर्सिटी उन पर प्रति वर्ष 39,672 यूएस डॉलर खर्च करेगी। इसमें यूनिवर्सिटी में रहना, पठन-पाठन और अन्य चीजें शामिल हैं। कुछ अंश उन्हें नगद भी दिया जाएगा।