कानपुर में सोमवार को जीका वायरस का एक और मामला दर्ज किया गया, जिससे यहां मामलों की कुल संख्या 11 हो गई। मरीज शिव कटरा की एक 42 वर्षीय महिला है, जिनके सैंपल लखनऊ में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी और पुणे में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजे गए थे, जो कि पॉजिटिव पाए गए हैं।

निगरानी और एहतियाती बरतना है ज़रूरी

प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य, नागरिक और पैरा-मेडिकल कर्मियों के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन के कर्मचारियों सहित 65 निगरानी टीमों द्वारा घर-घर जाकर सर्वेक्षण भी किया था। टीमों ने चकेरी क्षेत्र के 3 किमी के दायरे में 12 इलाकों से नमूने एकत्र किए, जहां पहला मामला पाया गया था। कुल 1,745 नमूने एकत्र किए गए, और टीमों ने रुके हुए और खुले पानी के खतरों के बारे में भी निवासियों को जागरूक किया।

जीका वायरस निकट संपर्क या एरोसोल से नहीं फैलता है। यह मुख्य रूप से केवल एडीज एजिप्टी मच्छर से फैलता है, जिससे डेंगू और चिकनगुनिया भी होता है। इसलिए, अपने वातावरण में स्वच्छता बनाए रखने और मच्छर भगाने वाले का उपयोग करने से वायरस के प्रसार को आसानी से रोका जा सकता है

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