जरूरी बातें

‘शहर-2021’ अभियान के तहत प्रदेश के सभी शहरों और बिना क्षेत्रीय योजना वाले शहरों को भी किया जायेगा क्षेत्रीय योजना में शामिल।
6 महीने तक चलेगा ‘शहर-2021’ अभियान।
अभियान के तहत कृषि भूमि पर कॉलोनियों के नियमितीकरण की है संभावना।
राज्य के 1 लाख से कम आबादी वाले लगभग 184 शहरों में लीज डीड बनाने के प्रस्ताव पर चल रहा है विचार।
कृषि भूमि पर आंशिक रूप से या पूरी तरह से निर्मित 7-8 लाख घरों को है मालिकाना हक़ की प्रतीक्षा।

 

राजस्थान में ‘शहर-2021’ अभियान के दौरान प्रदेश के सभी शहरों यहां तक ​​कि जिनके पास क्षेत्रीय योजना नहीं है उन्हें क्षेत्रीय योजना में शामिल किया जायेगा। छह महीने तक चलने वाले ‘शहर-2021’ अभियान के तहत कृषि भूमि पर कॉलोनियों के नियमितीकरण की संभावना है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य वर्तमान में 1 लाख से कम आबादी वाले लगभग 184 शहरों में लीज डीड बनाने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। यह प्रस्ताव पारित होने के बाद उन छोटे शहरों को राहत मिलेगी जो उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित मानदंडों को नियमितीकरण की प्रक्रिया के लिए पूरा नहीं करते हैं।

जल्द मिलेगा राजस्थान के 184 छोटे शहरों को लाभ

उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए एक हालिया आदेश में न्यायपालिका ने राज्य के बिना ज़ोनल प्लान वाले शहरों से अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण पर प्रतिबंध लगाने के लिए कहा था। उसके बाद नए आदेश में कहा गया था की शहरी आवास और विकास (UDH) के लिए समय की कमी को देखते हुए सभी स्थानीय निकायों में क्षेत्रीय योजनाओं को लागू करना असंभव है।

प्रशासन पहले ‘शहर-2021’ अभियान के तहत 10 लाख डीड जारी करने का लक्ष्य बना रहा था, जहां कृषि भूमि पर कॉलोनियों के नियमितीकरण को इस योजना का मुख्य आकर्षण माना गया था। रिपोर्ट के अनुसार कृषि भूमि पर आंशिक रूप से या पूरी तरह से निर्मित 7-8 लाख घरों का अनुमान है कि वे मालिकाना हक की प्रतीक्षा कर रहे हैं जिसके लिए उच्च न्यायालय का यह आदेश मालिकाना हक देने में बाधा डालता है।

रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान में लगभग 184 छोटे शहर ऐसे हैं जिनमें उनका ख़ाका तैयार करने की योजना नहीं है। सूत्रों के अनुसार मामले को कोर्ट में पेश करने के लिए कानूनी सलाह ली जाएगी और इसके बाद जल्द ही नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

राजस्थान के 29 शहरों में हैं ज़ोनल प्लान्स

नगर नियोजन विभाग ने उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप 1 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में जोनल विकास योजना के कार्यान्वयन की शुरुआत की है। जबकि राजधानी जयपुर ने पहले ही क्षेत्रीय योजनाओं को लागू कर दिया है जिसके बाद राज्य के 28 बड़े शहरों में भूस्वामियों को लीज डीड प्राप्त करने का रास्ता साफ़ हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य की राजधानी के अलावा अब जोधपुर, कोटा, बीकानेर, अजमेर, उदयपुर, भीलवाड़ा, अलवर, भरतपुर, सीकर, गंगानगर, पाली, टोंक, किशनगढ़, ब्यावर, हनुमानगढ़, धौलपुर, सवाई माधोपुर, चुरू, गंगापुर शहर, झुंझुनू, बारां, चित्तौड़गढ़ , मकराना, हिंडौन, नागौर, भिवाड़ी, बूंदी, सुजानगढ़ और बांसवाड़ा में भी जोनल प्लान शुरू हो गये हैं।

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