जयपुर की अगर बात आती है तो हमारे मन में सबसे पहले जयपुर के किलों, महलों और अन्य ऐतिहासिक स्थलों का ख्याल आता है। लेकिन पिंक सिटी की भव्यता और सुंदरता सिर्फ यहीं तक ही सीमित नहीं है बल्कि शहर में कई सारे ऐसे गार्डन हैं जो शहर की सुंदरता को अभिभूत कर देते हैं। अगर आप जयपुर की सैर करने का मन बना रहे हैं तो आप शहर के इन सुन्दर बगीचों की सैर कर सकते हैं। आइये जानते हैं शहर में बने इन सात सुन्दर गार्डनों के बारे में।

कनक वृंदावन गार्डन

अम्बर किले (Amber Palace) के पास नाहरगढ़ पहाड़ियों की पगडंडियों पर स्थित कनक वृंदावन गार्डन 280 साल पुराना शाही बगीचा है। मुगल और राजपूत वास्तुकला के सही मेल को प्रदर्शित करते हुए इस बगीचे का निर्माण महाराजा सवाई जय सिंह द्वारा किया गया था। इस बगीचे को आठ खंडों में विभाजित किया गया है। इस विशाल गार्डन में संगमरमर का फव्वारा, परिक्रमा के अलावा गार्डन में बने मंदिर की दीवारों पर शानदार दर्पण का काम किया गया है जो इसकी सुंदरता में चार चाँद लगाता है। यहां इस बगीचे की तुलना अक्सर वृंदावन जहां से की जाती है।

सिसोदिया रानी गार्डन

सिसोदिया रानी गार्डन जिसे ‘सिसोदिया रानी का बाग’ के नाम से भी जाना जाता है, उसे जयपुर के महाराजा सवाई जय सिंह ने अपनी दूसरी पत्नी जो उदयपुर की राजकुमारी थीं उनके लिए इस बगीचे का निर्माण कराया था। शहर से 10 किलोमीटर दूर स्थित इस उद्यान का नाम रानी के नाम पर इसलिए रखा गया है क्योंकि वह सिसोदिया राजपूत वंश से संबंधित थीं। यह बगीचा जयपुर के सभी बगीचों में सबसे बड़ा और सबसे सुन्दर माना जाता है। एक खास बात यह भी है कि इस गार्डन को अनिल कपूर और श्रीदेवी की मशहूर फिल्म ‘लम्हे’ में भी फिल्माया गया है।

शिवाजी गार्डन

शिवाजी गार्डन (Shivaji Garden) जयपुर से 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित टोंक में एक रिहायशी इलाके के बीच छिपा हुआ है। शिवाजी गार्डन में प्रवेश करते ही आप यहां की प्राकर्तिक सुंदरता को देख कर अभिभूत हो जायेंगे। इस गार्डन की सुंदरता प्रसिद्ध मैसूर गार्डन और हिरन मगरी गार्डन के समान आकर्षक है। अगर आप शहर की भीड़भाड़ वाले इलाक़ों से दूर थोड़ा प्रकृति के साथ समय बिताने का प्लान बना रहे हैं तो ये गार्डन आपके लिए एक अच्छा विकल्प है।

जय निवास गार्डन

राजामल का तालाब रोड पर स्थित ‘जय निवास गार्डन’ (Jai Niwas Garden) का भी अपना अनूठा आकर्षण है। महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय द्वारा निर्मित इस बगीचे में विशिष्ट मुगल चारबाग पैटर्न की कारीगरी देखने को मिलती है। यह शाही बगीचा फूल पौधों और अन्य आकर्षक संरचनाओं का एक असाधारण सुंदर रूप समेटे हुए है। इस बगीचे के सुन्दर दृश्य के अलावा यहां कई अन्य आकर्षण भी हैं। जैसे बगीचे में बना भगवान कृष्ण का मंदिर पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को आकर्षित करता है।

नेहरू गार्डन

नेहरू गार्डन (Nehru Garden ) जयपुर में बच्चों की पसंदीदा जगहों में से एक है। नेहरू गार्डन को ‘नेहरू-बे उद्यान’ के नाम से भी जाना जाता है। यह गार्डन नेहरू पैलेस के सामने टोंक रोड पर स्थित है। यह बगीचा लोगों के साथ-साथ बच्चों का भी पसंदीदा स्पॉट है क्यूंकि असाधारण हरियाली के अलावा यहां बोटिंग करने की सुविधा भी है। यहाँ के तालाब में बत्तखों को भी देखा जा सकता है। बगीचे में एक विशेष टॉय ट्रेन भी है जिस पर बच्चे इस बगीचे में खेल सकते हैं और अपनी यात्रा का आनंद ले सकते हैं।

विद्याधर गार्डन

भारतीय वास्तुकला के सिद्धांतों- ‘शिल्पा शास्त्र’ के अनुसार डिजाइन किया गया ‘विद्याधर गार्डन’ (Vidyadhar Bagh) का लेआउट मुगल वास्तुकला , राजस्थानी और शास्त्रीय भारतीय वास्तुकला का मिश्रण है। घाट की गुनी में स्थित विद्याधर गार्डन वर्ष 1988 में जयपुर के मुख्य वास्तुकार विद्याधर भट्टाचार्य को श्रद्धांजलि समर्पित करने के लिए बनाया गया था। गार्डन की दीवारों पर उत्कृष्ट डिजाइन और पैटर्न से हिंदू पौराणिक कथाओं को देखा जा सकता है। इसके अलावा गार्डन में मुगलों के प्रभाव को फव्वारे, फूलों की क्यारियों और सुव्यवस्थित बगीचों पर देखा जा सकता है। इस बगीचे में प्रमुख एलस्टोनिया के पेड़ों के अलावा मोर और बंदर भी देखे जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, यह उद्यान पक्षी देखने का शौख़ रखने वालों के लिए भी एक अच्छा विकल्प है क्यूंकि सर्दियों के दौरान यहां बड़ी संख्या में अप्रवासी पक्षी आते हैं।

राम निवास गार्डन

वर्ष 1868 में जयपुर के महाराजा सवाई राम सिंह द्वारा निर्मित यह ‘राम निवास गार्डन’ (Ram Niwas Garden) जवाहर लाल नेहरू मार्ग पर स्थित है। जयपुर में सांस्कृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्र में इसके विकास के बाद से कई नवीनीकरण हुए हैं ताकि गार्डन की मौजूदा भव्यता को बरकरार रखा जा सके। परिसर में मौजूद फव्वारे भी बगीचे की खूबसूरती बढ़ाते हैं। इतिहास प्रेमी, वास्तुकला प्रेमी और प्रकृति के प्रति उत्साही सभी इस शाही बगीचे में अल्बर्ट हॉल संग्रहालय, जयपुर चिड़ियाघर और उद्यान क्षेत्र के अन्य सभी आकर्षणों को देखने के बाद यहां भी आ सकते हैं। इस गार्डन में कई सारे कैफ़े भी हैं जहां आप राजस्थानी व्यंजनों का लुफ्त उठा सकते हैं।

नॉक-नॉक

अब जब आप इन बगीचों के बारे में जान चुके हैं, तो घूमने का प्लान बनाएं और जयपुर के इन हरे भरे बगीचों में प्रकृति की ताजगी का आनंद लें। साथ ही बाहर जाते समय मास्क ज़रूर लगाएं और कोरोना से बचाव के लिए सम्बंधित दिशा-निर्देशों का पालन करें क्योंकि महामारी अभी खत्म नहीं हुई है !

इनपुट्स और रिसर्च – आयशा खान

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