जरूरी बातें

सोमवार को राजस्थान ग्रामीण विकास विभाग ने पंचायती राज के सहयोग से अपने बैनर तले ई-मैप (E-Map) और ई-वर्क (E-Work) मोबाइल एप्लिकेशन किए लॉन्च।
इन मोबाइल ऐप्स के माध्यम से राज्य की लगभग 20,000 करोड़ रुपये के बजट वाली लगभग 10 लाख परियोजनाओं के कार्यान्वयन पर रखी जाएगी निगरानी।
मोबाइल ऐप्स को जर्मन कंपनी जीआईजेड (GIZ) और बीएमजेड (BMZ) के साथ राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा किया गया है विकसित।
पहले चरण की शुरुआत 14 दिसंबर को हुई थी वहीं दूसरे चरण को अप्रैल 2022 तक शुरू करने की संभावना है।
दोनों मोबाइल ऐप को ‘जन सूचना’ पोर्टल के साथ जोड़ा जाएगा।

बीते सोमवार को राजस्थान ग्रामीण विकास विभाग ने पंचायती राज के सहयोग से अपने बैनर तले सभी विकास योजनाओं की वास्तविक समय में निगरानी रखने के लिए ई-मैप (E-Map) और ई-वर्क (E-Work) मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किए। ग़ौरतलब हैं की राजस्थान में 352 पंचायत समितियों, 11,326 ग्राम पंचायतों और 46,118 गांवों के लिए 25 से अधिक राज्य स्तरीय योजनाएं चल रहीं हैं। कथित तौर पर, इन मोबाइल ऐप्स के माध्यम से राज्य की लगभग 20,000 करोड़ रुपये के बजट वाली लगभग 10 लाख परियोजनाओं के कार्यान्वयन पर निगरानी रखी जाएगी।

दोनों मोबाइल ऐप्स को ‘जन सूचना’ पोर्टल के साथ जोड़ा जाएगा

इन दोनों मोबाइल ऐप्स को जर्मन कंपनी जीआईजेड (GIZ) और बीएमजेड (BMZ) के साथ राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा इंजीनियर किया गया है जिसे दो चरणों में विकसित किया जाएगा। पहले चरण की शुरुआत 14 दिसंबर को हुई थी। वहीं दूसरे चरण को अप्रैल 2022 तक शुरू करने की संभावना है। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों मोबाइल ऐप को ‘जन सूचना’ पोर्टल के साथ जोड़ा जाएगा ताकि सभी राज्य स्तरीय योजनाओं को एक मंच पर लाया जा सके और प्रत्येक योजना के लिए पारदर्शिता के साथ-साथ नियमित अपडेट सुनिश्चित की जा सके।

यह प्लेटफार्म सम्बंधित विभाग और उसके द्वारा शुरू करी गयी योजनाओं की सभी जानकारियां एकत्रित कर उसे जीपी-जीआईएस प्लान के साथ एकीकृत कर देगा। इसके अलावा, ई-मैप (E-Map) फील्ड स्तर के पदाधिकारियों और अन्य हितधारकों द्वारा मोबाइल एप पर एफ जीआईएस-आधारित जीपी योजनाओं (GIS-based Plans) के मॉडल की कल्पना करने में मदद करेगा जिससे संबंधित पार्टियों की भागीदारी और स्वामित्व में सुधार होगा।

यह हैं इन दोनों ऐप्स के लाभ

यह नई तकनीक ‘डिजिटल इंडिया’ (Digital India) की दिशा में एक बड़ा कदम है और यह योजना मुख्य रूप से राज्य में सभी विकास परियोजनाओं के उचित कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के शुरू करी गई है। यह ऐप कई स्तरों पर योजनाओं की वास्तविक समय की कार्य प्रगति को मॉनिटर करने में मदद करेगा और उस क्षेत्र में किए गए कार्यों की स्पष्टता सुनिश्चित करेगा।

इसके बाद यह एप अधिकारियों या उपयोगकर्ताओं के कार्यबल प्रबंधन के क्रम का भी आकलन करेगा। अंत में इस एप का उपयोग हर चरण पर फीडबैक, साइट के चयन या तकनीकी व्यवहार्यता के अनुसार संशोधन और जियो-टैगिंग (Geo-Tagging) चाहे वह ऑनलाइन हो या ऑफलाइन, के लिए किया जा सकता है।

 

 

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *