जयपुर के हर कोने में भव्य पुराने किलों और महलों की एक पुरानी विरासत मौजूद है। यह शहर समय की कसौटी पर खरा उतरा है, और पूरे वर्ष के यह पर्यटकों का एक प्रमुख स्थल रहता है। हालांकि, जयपुर के निवासियों के लिए, यहाँ के ऐतिहासिक स्थान पुराने और साधारण हो गए हैं। अगर आप इतिहास में रूचि रखते हैं, और कुछ नया अनुभव करना चाहते हैं, तो आपको बूंदी नामक इस शहर की यात्रा जरूर करनी चाहिए क्यूंकि जयपुर के साथ साथ बाहर के लोग भी इस जगह के बारे में कम ही जानते है।

जयपुर से तीन घंटे की दूरी पर स्थित बूंदी उन चमकदार और दुर्लभ रत्नों में से एक है, जो इंसानी स्पर्श से अनछुए रह गए हैं। यहाँ जीवन और मानवता ने प्राकर्तिक रूप से जीवित रहने के तरीके खोज लिए हैं। एक छोटा, विचित्र शहर और किले के ऊपर एक पहाड़ी की सुरम्य पृष्ठभूमि के साथ, यह स्थान ऐसा प्रतीत होता है, मानो किसी पोस्टकार्ड से सीधा बाहर निकला हो। यहां, आप रोजमर्रा के शहरी जीवन से दूर इतिहास का एक ऐसा पहलु देख सकते हैं, जिसे आपने शायद पहले कभी नहीं देखा होगा। पूरे राजस्थान में सबसे पुराने किलों, महलों और कलाकृतियों का घर, यहाँ आप वास्तव में ऐसा महसूस करेंगे की किसी अलग युग में चले गए हैं।

 

 

चमकीली नदियाँ, झीलें और सुंदर जल प्रपात इस क्षेत्र की सुंदरता को बढ़ाते हैं। बूंदी का एक बड़ा हिस्सा वनों से आच्छादित है जिसमें वनस्पतियों एवं प्राणियों की दुर्लभ प्रजातियाँ मिलती हैं। बूंदी कई महान चित्रकारों, लेखकों एवं कलाकारों के लिए प्रेरणा स्त्रोत रहा है। रूडयार्ड किपलिंग को भी अपनी रचना “किम” की प्रेरणा यहीं से मिली थी।

मुख्य आकर्षण

यदि आप सच में किसी सुरम्य दृश्य को देखने के लिए तरस रहे हैं, तो तारागढ़ महल में स्थित चित्रशाला जाएँ जो दुनिया भर में अपनी बारीक और जटिल मिनिएचर पेंटिंग (Miniature art) के लिए जानी जाती है। जीवंत और रंगीन ये पेंटिंग्स पूरे तारागढ़ महल को एक ख़ास ऊर्जा देती हैं। भव्यता से भरपूर इस महल की खूबसूरती को शब्दों में परिभाषित नहीं किया जा सकता, इसी कारण आपका यहां जाना आवश्यक है।

इसके अलावा, यहां कई झील हैं, जैसे जैत सागर झील और कनक सागर झील, जहां जाकर आप इस शहर के सुरम्य बैकड्रॉप को देख सकते हैं, और कुछ खुशनुमा तसवीरें लेना न भूलें।

आप जब भी बूंदी जाएं, तो सुनिश्चित करें कि चरण-कुओं (step-wells) को देखना न भूलें, और यह शहर ऐसे 50 कुओं का घर है, जो पुराने युगों में शहर की जीवन रेखा हुआ करते थे और आज भी, ये एक पर्यटकों का आकर्षण होने के साथ एक बड़ा उद्देश्य भी पूरा करते है।

नॉक नॉक (Knock Knock)

बूंदी, एक्सप्रेस बस सेवा द्वारा राजस्थान में विभिन्न स्थानों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। इस स्थान तक पहुँचने के लिए माधोपुर, बीकानेर जयपुर एवं कोटा से बसें उपलब्ध हैं। बिजोलिया, उदयपुर, अजमेर एवं जोधपुर से भी बूंदी के लिए बसें उपलब्ध हैं। अक्तूबर से मार्च महीनों के बीच का समय बूंदी की यात्रा के लिए उत्तम है।

इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता की जयपुर में कई भव्य स्थल हैं। लेकिन फिर भी रोज़मर्रा की भाग दौड़ वाले शहरी जीवन से बूंदी की यात्रा आपके लिए एक अविस्मरणीय यात्रा साबित होगी, और आप यहाँ से कभी न भूल पाने वाले पल साथ लेकर वापस जाएंगे।

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