14 जनवरी को आने वाली मकरसंक्रांति के त्यौहार से पहले, मानसरोवर-बड़ी चौपड़ के मार्ग पर पतंग उड़ाने वालों को सावधान रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि पतंग उड़ाते वक्त लापरवाही घातक साबित हो सकती है। जेएमआरसी ने एक चेतावनी जारी की है जिसमें निवासियों को दुर्घटनाओं से बचने के लिए मेट्रो कॉरिडोर से दूर पतंग उड़ाने के लिए कहा गया है, क्योंकि ओवरहेड तारों में चौबीसों घंटे 25000 वोल्ट करंट दौड़ता है।

मांझा और मेट्रो के तारों का घातक जाल!

त्योहारों के बाद जेएमआरसी के लिए बढ़ जाती हैं समस्या!

मांझा जयपुर मेट्रो के लिए पहले भी परेशानी का सबब साबित हुआ है, कई बार तारों में मांझों के उलझने से मेट्रो की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। इन मांझाओं ने पतंग उड़ाने वाले की जान को खतरा होने के साथ ही ट्रेन संचालन में भी बाधा डाली है। मकर संक्रांति आने के साथ ही आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर जाता है, लेकिन इससे कई समस्याएं भी पैदा हो जाती हैं। जेएमआरसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, 2019 में त्योहार के दौरान, 5,000 से अधिक पतंगें ओवरहेड तारों में उलझ गईं, जिससे जेएमआरसी के लिए उच्च वोल्टेज लाइनों से तार हटाने के बाद संचालन को फिर से सफलतापूर्वक चलाना एक कठिन काम हो गया।

 

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