कोरोना संक्रमण की स्थिति में सुधार और इसके परिणामस्वरूप अनलॉक के बीच, राजस्थान सरकार के अधिकारियों ने जुलाई के अंत तक विश्वविद्यालय परीक्षा आयोजित करने पर चर्चा की। उच्च शिक्षा मंत्री के साथ मंगलवार को मुख्यमंत्री की बैठक में शीर्ष अधिकारियों ने 2021 बैच की परीक्षाओं के संबंध में परीक्षा समिति की रिपोर्ट की समीक्षा की गई। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य परीक्षा आयोजित करने के लिए तैयार है, हालांकि, अभी परीक्षाएं करवाने के लिए 3 विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।

परीक्षाओं के संबंध में अंतिम निर्णय 2 दिनों में आ सकता है


राजस्थान में पहली प्राथमिकता ऑफ़लाइन परीक्षाओं को दी जाएगी। विधि विश्वविद्यालय के कुलपति की समिति द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम वर्ष के लगभग 6.5 लाख छात्र परीक्षा में शामिल होंगे। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा से पहले इन उम्मीदवारों को कम से कोविड ​​वैक्सीन की पहली खुराक लगाने की व्यवस्था की जानी चाहिए।

उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करेगी। उल्लेखनीय है कि समिति ने लगभग 10 दिन पहले अपनी रिपोर्ट और सिफारिश प्रशासन को सौंप दी थी, हालांकि अभी अंतिम फैसला होना बाकी है। इस रिपोर्ट में सरकार को परीक्षाएं करवाने के लिए तीन विकल्प दिए गए है:

ऑफलाइन मोड परीक्षा: उम्मीदवारों को कॉलेज या परीक्षा केंद्र पर एक लिखित में परीक्षा देनी होगी।

ओपन बुक परीक्षा: उम्मीदवार परीक्षाओं के ओपन बुक फॉर्मेट का पालन करेंगे। मप्र और छत्तीसगढ़ जैसे अन्य राज्य भी इस फॉर्मेट का अनुपालन कर रहे हैं।

ऑनलाइन परीक्षा: कई क्षेत्रों में अभी भी इसे लागू करने के लिए डिजिटल सुविधाओं की कमी है।

राज्य के फैसले से पूरे राजस्थान में लगभग 20 लाख विश्वविद्यालय और कॉलेज के छात्रों के जीवन पर असर पड़ेगा, जिसमें 6.5 लाख अंतिम वर्ष के छात्र, 5.46 लाख यूजी व पीजी के छात्र और निजी व तकनीकी संस्थानों के अन्य छात्र शामिल हैं।

उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री के अनुसार दो दिन में इस संबंध में एक और बैठक की जाएगी। यहां अधिकारी समिति की रिपोर्ट और यूजीसी के पसंदीदा तरीके पर भी चर्चा करेंगे। उन्होंने आगे यह भी बताया कि, राज्य ने अनुदान आयोग को मंगलवार को मूल्यांकन के संचालन के संबंध में नए दिशा-निर्देश प्राप्त करने के लिए पत्र लिखा है।