राजस्थान प्रशासन ने जयपुर और अन्य जिलों में ऑक्सीजन बैंकों की स्थापना करने का निर्णय लिया है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य ऑक्सीजन की बाधा रहित सप्लाई को ज़रूरतमंदों तक पहुँचाना है। लोग एक घंटे के भीतर ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर प्राप्त करने के लिए हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं। मरीजों को इन्हें खरीदने के लिए ₹5,000 की सुरक्षा जमा राशि का भुगतान करना होगा, जिसे उपकरण वापस करने के बाद वापस कर दिया जाएगा।

ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर लेने के लिए प्रिस्क्रिप्शन अनिवार्य



चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को जिला ड्रग वेयरहाउस या एडीएम कार्यालय से जुड़े डीडीसी में 'ऑक्सीजन बैंक' स्थापित करने का निर्देश दिया है। ये क्षेत्रीय इकाइयाँ कोरोना रोगियों को होम आइसोलेशन में चिकित्सा उपकरण समय पर उधार देने में मदद करेंगी।

जयपुर में 'ऑक्सीजन बैंक' लगभग 500 कॉन्सेंट्रेटर स्टोर करेगा। राज्य की राजधानी के अलावा, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर और भरतपुर सहित प्रत्येक संभाग मुख्यालय में ये कई ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं, जिला मुख्यालय के गोदामों में कम से कम 400 कॉन्सेंट्रेटर होंगे।

जिस कोविड मरीज के परिवार को ऑक्सीजन की जरूरत है, वह '181' हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकता है या जिला गोदाम में तैनात अधिकारियों से संपर्क कर सकता है। प्रशासन ने इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन को अनिवार्य कर दिया है। हेल्पलाइन ऑपरेटर मरीज का नंबर और पता नोट करेगा और फिर उसे संबंधित 'ऑक्सीजन बैंक' के अधिकारियों को भेज देगा। इसके बाद ये अधिकारी मरीज के परिवार से संपर्क करेंगे और ऑक्सीजन कंसंटेटर मुहैया कराने से पहले दस्तावेजों को वेरीफाई करेंगे। लोग सीधे ऑक्सीजन बैंकों तक पहुंच सकते हैं और अपने कॉन्सेंट्रेटर ले सकते हैं।