देश के विशेषज्ञ कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के बारे में आगाह कर रहे हैं और यह भी बताया गया है तीसरी लहर के प्रभाव सबसे अधिक बच्चों में दिखाई देंगे। इसी सम्बन्ध में जयपुर के आंकड़ें चौकाने वाले हैं। रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल से मई तक जयपुर में 10 साल से कम उम्र के 3,500 बच्चे कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं और 10 से 20 वर्ष के उम्र के लगभग 10,000 बच्चे संक्रमित हो चुके हैं। यह देखते हुए कि ये संख्या सिर्फ राज्य की राजधानी के लिए है, यह कहा जा सकता है कि इस अवधि के दौरान बड़ी संख्या में बच्चे संक्रमित हुए होंगे।


बच्चों में संक्रमण को कम करने के लिए व्यापक उपायों की तत्काल आवश्यकता



हालाँकि देश के कई क्षेत्रों में कोरोना की दूसरी लहर कम होने के संकेत दे रही है लेकिन इस संभावित तीसरी लहर को लेकर बताई जा रहीं संभावनाओं के चलते काफी लोग सख्ते में हैं। वर्तमान स्थिति के बीच,जयपुर में कोरोना मामलों के अप्रैल से लेकर मई तक के आंकड़ों का उम्र के अनुसार विभाजन होने पर,संक्रमित होने वाले बच्चों की संख्या का पता चला। रिपोर्ट के अनुसार 11 से 20 साल की उम्र के 10,022 बच्चे कोरोना से संक्रमित हुए और 10 साल से कम उम्र के 3,589 बच्चे कोरोना से संक्रमित पाए गए।

इन चिंताजनक आंकड़ों को देखते हुए,संक्रमित बच्चों की संख्या में अचानक वृद्धि पर तुरंत विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है और संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए व्यापक उपायों और सावधानी बरतने की आवश्यकता है। इस वृद्धि के पीछे प्रमुख कारणों में से एक,इस बात को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है कि शहर में लंबे समय तक काफी अधिक मामले दर्ज किये गए हैं । इसके अलावा, रिपोर्ट के अनुसार 21 से 40 वर्ष की आयु के व्यक्तियों के संक्रमित होने के मामले सबसे अधिक दर्ज किये गए।

जयपुर में सोमवार को 804 नए मामले और 4,072 रिकवरी दर्ज की गयी हैं और सक्रीय मामलों की संख्या कम होकर 21,961 हो गयी। कुल रूप से देखा जाए तो जयपुर में अभी तक 1,80,544 लोग संक्रमित हो चुके हैं और इनमें से 1,764 की मृत्यु हो चुकी है।