राजस्थान में कोविड की दूसरी लहर को नियंत्रित करने लिए राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में 24 मई को सुबह 5 बजे से सुबह 5 बजे तक पूर्ण लॉकडाउन लगाने की घोषणा की। इस लॉकडाउन का उद्देश्य संक्रमण को गांवों में प्रवेश करने से रोकना और युवाओं को संक्रमित होने से बचाना है। इससे पहले, कोविड से ग्राफ़ में भारी उछाल आने के बाद राज्य में 'रेड अलर्ट- सार्वजनिक अनुशासन पखवाड़ा' (Red Alert- Public Discipline Fortnight) घोषित किया गया था।

शादी के सभी कार्य 31 मई तक रद्द कर दिए गए


जहां राज्य में पहले से ही कई प्रतिबंध लगाए गए थे, वहीं अब प्रशासन ने नागरिकों के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। नए नियमों के अनुसार, शादी के कार्य 31 मई तक रद्द रहेंगे। इस अवधि के दौरान सभी मैरिज लॉन बंद रहेंगे और उनके मालिकों को पहले से जमा की गई राशी लोगों को लौटानी पड़ेगी। 'बैंड, बाजा बारात' और संबंधित सुविधाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि कोर्ट मैरिज और घर में होने वाली शादियों में केवल 11 मेहमानों को ही अनुमति दी गई है।

लॉकडाउन के दौरान राज्य के भीतर यात्रा निषिद्ध की गई


सभी मनरेगा परियोजनाओं को लॉकडाउन की अवधि के लिए रोक दिया गया है। इसके अलावा, नागरिकों को लॉकडाउन के दौरान राज्य के भीतर यात्रा करने से प्रतिबंधित किया गया है और अन्य प्रदेशों से यात्रा करने वालों को आरटी-पीसीआर रिपोर्ट दिखानी होगी, जो कि पिछले 72 घंटों से पहले की न हो। रिपोर्ट नेगेटिव होने पर ही उन्हें प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। हालांकि कुछ प्रतिष्ठानों के खुलने और बंद होने का विशिष्ट समय तय किया गया है, लेकिन सभी धार्मिक स्थान लॉकडाउन की पूरी अवधि के लिए बंद रहेंगे। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से कहा है कि यदि संक्रमण की श्रृंखला को जल्द ही नियंत्रित करना है तो देशव्यापी लॉकडाउन लगाया जाए।

जयपुर में सक्रिय मामलों की संख्या गुरुवार को आए 3,440 नए मामलों के साथ 45000 पार कर गई


गुरुवार को 46,206 सक्रिय कोविड ​​मामलों के साथ, जयपुर राजस्थान में सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र है। 6 मई को राज्य की राजधानी में 3,440 नए मामले दर्ज किए गए थे, उसी दिन 46 मौतों के साथ मृत्यु दर बढ़ गई थी। अब तक, जयपुर में कोविड वायरस से 1,32,216 व्यक्ति प्रभावित हुए हैं।