राजस्थान में अब डीजल भी उन वस्तुओं में से एक है जिसकी डिलीवरी आपके दरवाजे पर की जाएगी। यह ऐतिहासिक परिवर्तन राजस्थान में ईंधन उद्योग को गति प्रदान करने के साथ ग्राहकों के जीवन को भी आसान बना रहा है, जिससे बिना किसी परेशानी के डीजल खरीदने में सुविधा हो रही है। यह वितरण सहायता मौजूदा डीजल खरीद व्यवस्था की कमियों को दूर करती है और इस कठिन समय में यह मॉडल समाधान के रूप में उभरता है!

तेज़ी से हो रहा है ईंधन उद्योग का विस्तार


राजस्थान में चार ईंधन उद्यमियों (fuel entrepreneurs) ने बीकानेर स्थित हीरालाल भट्टर पेट्रोलियम से साथ इस डोर-टू-डोर डिलीवरी मॉडल द्वारा डीजल की सुविधा देने के लिए कमर कस ली है। इस युनिट ने अपने मोबाइल पेट्रोल पंपों के माध्यम से घर-घर डीजल ऊर्जा वितरण शुरू कर दिया है। इस स्टार्टअप की गतिविधियों का प्रबंधन सुरेश भट्टर द्वारा किया जाता है, जो भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के रिटेल आउटलेट के मालिक हैं। सुरेश ने कहा, "बीपीसीएल के अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए उन्होंने मुझे जानकारी दी तो मैंने सोचा कि यह समाज के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए।"

इसी तरह बाड़मेर में श्री महादेव पेट्रोलियम ने भी डिलीवरी कारोबार में कदम रखा है। कथित तौर पर, महेंद्र कुमार, जो 2011 से ईंधन के कारोबार में हैं, इस स्टार्टअप के संचालन की देखरेख करते हैं। महेंद्र ने कहा, "मेरे पेट्रोल पंप के पास एक गैस टर्मिनल है और इसलिए मैंने डीजल की लगातार मांग देखी और इसे लोगों के घर और अन्य थोक उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के बारे में सोचा।" कुमार, जो एक डेंटिस्ट भी हैं, ने अब 40 किमी के दायरे में डिलीवरी करने के लिए एक मोबाइल ईंधन पंप का अधिग्रहण किया है। उनके पिता एक सहकारी बैंक प्रबंधक हैं और उन्होंने नए व्यवसाय को निर्बाध रूप से चलाने के लिए उनके साथ भागीदारी की है।

पाली के मनीष किशन फिलिंग स्टेशन की कहानी भी इसी तर्ज पर चलती है। मनीष चौधरी की देखरेख में, जिनके पास हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) आउटलेट पर भी अधिकार है, फिलिंग स्टेशन एक नए अधिग्रहीत मोबिल पेट्रोल पंप के माध्यम से घर पर डीजल की डिलीवरी कर रहा है। इस युनिट को पाली जिले में स्थित कई कपड़ा और खनन उद्योगों की ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिए शुरू किया गया है।

मनीष चौधरी ने कहा, "मैं इस समस्या का समाधान खोज ही रहा था, जब मैं टाटा-रेपो एनर्जी के संपर्क में आया। उन्होंने एक नई ईंधन वितरण प्रणाली विकसित की थी और मैं उस तकनीक से प्रभावित था। मैंने अपना शोध किया और 2019 में रिपोस एनर्जी बोजर (Repose Energy's Bowser) (डोरस्टेप डीजल डिलीवरी सिस्टम) खरीद लिया। इस प्रकार की प्रणाली बहुत नवीन है और उद्योगों के सामने आने वाली वास्तविक समस्या को हल करने में मदद करती है।"

नागौर आधारित फ्यूल स्टार्टअप चलाने वाले अखिल सिरोही ने कहा, "हर व्यवसाय को समय के साथ बदलने की जरूरत है। और हम अपने क्षेत्र में डोर-टू-डोर डीजल डिलीवरी सेवाएं शुरू करना चाहते हैं।" एक दशक से अधिक समय से ईंधन उद्योग के हितधारक, सिरोही ने अपने चचेरे भाई अशोक सिरोही के साथ साझेदारी करके 17 अप्रैल, 2021 से घर पर डीजल की डिलीवरी शुरू की। वह नागौर के एक परिवार से ताल्लुक रखते हैं जो पिछले 40 सालों से खनन और क्विकलाइम (quick lime) उद्योग में है।

बदलते हुए वक्त की ज़रूरत है डीजल की डोरस्टेप डिलीवरी


सरकार ने डीजल की डोरस्टेप डिलीवरी को मंजूरी दे दी है और इसे डीजल के प्रभावी वितरण के रूप में सराहा है। इस कल्याणकारी योजना से कृषि क्षेत्र, अस्पतालों, हाउसिंग सोसाइटियों, भारी मशीनरी सुविधाओं, मोबाइल टावरों आदि को लाभ मिलने की उम्मीद है।