जैसे जैसे महामारी की स्थिति शहर में बेहतर हो रही है जयपुर प्रशासन संक्रमण को नियंत्रण करने के लिए कई उपायों को लागू कर रहा है। शहर के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के रैपिड एंटीजन टेस्ट करने के लिए ओपीडी वाहनों को तैनात किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इसके लिए शहर के स्वास्थ्य विभाग की 22 वैनों का इस्तेमाल किया जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण की गति को कम करने की पहल


शहर में घातक तबाही मचाने के बाद कोरोना वायरस अब ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच रहा है और संक्रमण की कड़ी को तोड़ना जल्द से जल्द ज़रूरी है। वर्तमान समय में जिला प्रशासन का कदम यह सुनिश्चित करने की दिशा में है की ग्रामीण निवासी अनियंत्रित कोरोना प्रसार से सुरक्षित रहें। रिपोर्ट के अनुसार इस पहल के अंतर्गत प्रतिदिन 10 गावों को कवर किया जाएगा और सभी इन्फ्लुएजा जैसे लक्षणों वाले व्यक्तियों का टेस्ट किया जाएगा।

अगर कोई व्यक्ति पॉजिटिव आता है तो उसे आवश्यक दवाइयां और उपचार प्रदान किया जाएगा और इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा की संक्रमित व्यक्ति बड़ी मात्रा में अन्य लोगों को संक्रमित न कर पाए। इसके अलावा शहर में 20 कम्युनिटी हेल्थकेयर सेंटरों को कोविडकेयर सेंटरों में बदला जाएगा और इसके अलावा राज्य सरकार ने कहा है की कोविड केयर सेंटरों में डेडिकेटेड मॉनीटर्स के ज़रिये ऑक्सीजन सप्लाई की देखरेख के लिए बायोमेडिकल इंजीनियरों को नियुक्त किया जाएगा।

संक्रमण के प्रसार को कम करने के लिए डोर-टू-डोर निरीक्षण


जयपुर में संक्रमित व्यक्तियों की जांच के लिए डोर-टू-डोर निरीक्षण भी किया जा रहा है। इस निरीक्षण के चलते यह भी ध्यान दिया जा रहा की इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षणों वाले लोगों को दवाइयों के पैकेट और ज़रूरी मेडिकल परामर्श भी प्रदान किया जाए। इन स्कीमों के ज़रिये प्रशासन जल्द से जल्द संक्रमण की कड़ी को तोड़ना चाहता हैं।

तीन दिन लगातार गिरावट देखने के बाद रविवार को जयपुर में 2,588 नए मामले आये और 8,432 लोगों के ठीक होने की भारी संख्या के साथ, सक्रिय मामले भी 43,680 के साथ पहले से काफी कम हुए। जबकि राज्य की राजधानी में अब तक 1,66,552 कुल मामले दर्ज किये गए हैं, इनमें से 1,539 लोगों की संक्रमण के कारण मृत्यु हो गयी, लेकिन मामलों के कम होने से आने वाले दिनों में राहत की सांस की उम्मीद की जा सकती है।