कोविड ​​-19 संक्रमण में तेज़ी से हो रही उछाल के मद्देनजर, राजस्थान में 10 मई से 24 मई तक लगने वाले पूर्ण लॉकडाउन से पहले, राज्य पुलिस ने सार्वजनिक आवाजाही पर सख्ती से नज़र रखने के लिए स्थानीय सीमाओं पर तैनाती और निगरानी बढ़ा दी है। कथित तौर पर, इस प्रतिबंध को संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने के लिए रेड अलर्ट जन अनुशासन पखवाड़े 'के अंतर्गत लागू किया गया है। पुलिस नाकाबंदी में आवश्यक कार्य के बिना एक जिले से दूसरे जिले में वाहनों के जाने पर रोक लगा रही है।

राजस्थान में लगाए गए कड़े प्रतिबंध


राजस्थान में जिला सीमाओं पर पुलिस की नाकेबंदी, राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के दूसरे प्रकोप को कम करने के उद्देशय से की गई है। घरेलू सीमाओं के अलावा, बाहरी जिलों, टोंक, दिल्ली, और आगरा रोड को जोड़ने वाले अन्य मार्गों पर भी पुलिस नाकाबंदी की गई है। जयपुर से अजमेर सीमा भी बंद है। टोल अधिकारी यात्रियों से यात्रा के उद्देश्य के बारे में पूछताछ कर रहे हैं, और केवल ज़रूरी काम होने पर ही लोगों को गुजरने की अनुमति दे रहे हैं।

कोविड-19 मामलों में वृद्धि के चलते, नाकाबांदी को भी बढ़ा दिया गया है। पिछले 24 घंटों में, कुल लगभग 18,231 नए मामले मिले। इसमें से सबसे ज्यादा, 4,902 मामले जयपुर में दर्ज किए गए। राज्य में 1,99,147 रोगियों के सक्रिय भार के साथ प्रशासन ने 10 मई से पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की है।

सख्ती से करना होगा लॉकडाउन मानदंडों का पालन



नए नियमों के अनुसार, शादी के कार्यों को 31 मई तक रद्द कर दिया जाएगा। 'बैंड, बाजा बारात' और संबंधित सुविधाओं, शादी के लॉन में होने वाली शादियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि कोर्ट मैरिज और केवल 11 मेहमानों के साथ घर की शादियों की अनुमति है। राज्य से बाहर यात्रा को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है और राजस्थान पहुंचने वाले यात्रियों को प्रवेश के 72 घंटे के भीतर एक नेगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट देने के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।

यदि कोई यात्री यह रिपोर्ट प्रदान नहीं कर पाते हैं, तो उन्हें 15 दिनों के लिए क्वारंटाइन कर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सभी धार्मिक स्थानों को बंद रखा जाएगा, केवल आवश्यक सेवाओं को लॉकडाउन प्रतिबंधों से छूट दी गई है।