26 जून को बीकानेर में कोरोनावायरस के डेल्टा प्लस स्वरूप का पहला मामला सामने आने के बाद, राजस्थान सरकार ने 2 दिनों के भीतर अपने दैनिक कोविड बुलेटिन में 'पता ज्ञात नहीं' (Address Not Known) नाम से एक नया कॉलम जोड़ा है। इससे उन व्यक्तियों के बारे में पता लगेगा, जो कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे और उनके द्वारा दी गई नाम, पता और फोन नंबर जैसी जानकारी गलत है। रिपोर्ट के मुताबिक, 28 और 29 जून को इस नए कॉलम में एक-एक मरीज को जोड़ा गया था, हालांकि, झूठी जानकारी साझा करने का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है।

विशेष रूप से राजधानी जयपुर के लिए स्वास्थ्य बुलेटिन



राज्य का स्वास्थ्य विभाग हर दिन विशेष रूप से जयपुर और पूरे राज्य के लिए स्वास्थ्य बुलेटिन जारी करता है। जयपुर स्वास्थ्य बुलेटिन में, प्रत्येक कॉलोनी में कुल रोगियों की संख्या का उल्लेख किया गया है, लेकिन कई व्यक्तियों द्वारा परीक्षण के दौरान गलत जानकारी देने के कारण यह डेटा पूर्ण नहीं है। ऐसे व्यक्तियों को 'पता ज्ञात नहीं' कॉलम में रखा जा रहा है और बुधवार को इसके तहत दो और नाम जोड़े गए।

अधिकारी अभी भी यह आकलन करने की कोशिश कर रहे हैं कि मरीज अपना सही नाम, फोन नंबर और पता क्यों नहीं दे रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि डेल्टा प्लस स्ट्रेन या समुदाय द्वारा अलग-थलग होने के डर के कारण यह कुछ लोग ऐसा रवैया अपना रहे हैं।

इस संबंध में, रिपोर्ट में एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा गया है- "हमने परीक्षण के दौरान सबमिट किए गए नंबरों पर कॉल करके उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश की, जो पॉजिटिव पाए गए थे, लेकिन उनके पते का पता नहीं चल पा रहा है। हालांकि, ऐसे सभी रोगियों को चिकित्सा टीमों के संयुक्त प्रयास से पता लगाया जाएगा।"

- आईएएनएस द्वारा मिली जानकारी के अनुसार