जयपुर के धड्डा ब्रदर्स ने अपनी पिता की याद में, जो कि सजावटी वस्तुओं का संग्रहकर्ता थे, ज्ञान संग्राहलय खोलने के फैसला किया और इसके साथ ही उन्होंने इतिहास के कई दरवाज़ों को भी अन्य लोगों के लिए खोल दिया है।  जयपुर में इस संग्रहालय का खाका पॉल मैथ्यू द्वारा परिकल्पित किया गया था और यहां प्रदर्शित कलाकृतियों को संलग्न स्थानों में रखा गया है, जिनकी बनावट और डिजाइन समय के काफी आगे है। अगर आप भी पुरातन चीज़ों में दिलचस्पी रखते हैं तो इस जगह पर आपके देखने के लिए कई सारी चीजें मौजूद हैं। 

 3000 वर्षों पुरानी सांस्कृतिक विरासत को देखने का अवसर पाएं!

ज्ञान संग्रहालय में प्रदर्शित चीज़ें, एक प्रकृतिवादी, संग्रहकर्ता और जेमोलॉजिस्ट, स्वर्गीय श्री ज्ञान चंद धड्डा से संबंधित हैं। संक्षेप में, इस संग्रहालय की कहानी उस समय की है जब वह सोलह वर्ष के थे और उनके पिता ने उन्हें दो प्राचीन वस्तुएँ भेंट कीं, जिसने उनके मन में पुरातन चीज़ों के प्रति आकर्षण को जन्म दिया। उनके निधन पर उनके पुत्रों ने उनकी स्मृति में ज्ञान संग्रहालय खोलकर उनकी कहानी को अमर बना दिया है।

भारतीय और विदेशी दोनों मूल के 2500 से अधिक कलाकृतियों के साथ लगभग 3000 वर्षों की सांस्कृतिक विरासत को संग्रहीत करते हुए, यह संग्रहालय वस्त्र, पेंटिंग, धातु कला और बहुत सी आकर्षक चीज़ों का घर है! दुर्लभ शिलालेखों और पुराने चश्मे से भरी अलमारियाँ, इस ज्ञान संग्रहालय के प्रदर्शन का एक हिस्सा है।

नॉक-नॉक

एक ऐसा स्थान जो आपको विविध समय और स्थानों से वस्तुओं और विचारों की कल्पना करने के लिए प्रेरित करता है, जयपुर का ज्ञान संग्रहालय इतिहास को करीब से देखने का अवसर प्रदान करता है। इन परिसरों में विश्व विरासत की महिमा का अनुभव करें, साथ ही, सभी आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना न भूलें।

समय: पहले अपॉइंटमेंट लेकर ही जाएँ

स्थान: G-1 / 21-23 जेम्स एंड ज्वैलरी जोन, EPIP सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र, टोंक रोड, जयपुर

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