विदेश मंत्रालय की डिजिटल परिवर्तन की पहल के तहत जयपुर में एक नयी योजना शुरू की गयी है। यह योजना जयपुर में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय ने राजस्थान पुलिस के सहयोग से शुरू की है। इस कार्यक्रम के एक भाग के रूप में, अधिकारियों ने एक ऑनलाइन पुलिस वेरिफिकेशन सिस्टम को तैनात किया है। इस ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से पासपोर्ट प्राप्त करने की प्रक्रिया को आसान बना दिया गया है। इस परियोजना के साथ, जयपुर के नागरिक अपने पासपोर्ट वेरिफिकेशन के लिए पुलिस स्टेशन में कई बार चक्कर लगाने की परेशानी से मुक्त होंगे।

पासपोर्ट वेरिफिकेशन में मदद के लिए वर्चुअल प्लेटफॉर्म

कथित तौर पर, पासपोर्ट कार्यालय के एक अधिकारी नीतू भगोटिया ने बताया कि नागरिक अब अपने पासपोर्ट के वेरिफिकेशन के लिए एमपासपोर्ट पुलिस ऐप का उपयोग कर सकते हैं। जबकि पासपोर्ट के इच्छुक उम्मीदवारों को इस प्रक्रिया से काफी लाभ मिलेंगे और इसमें तेजी लाने से अधिकारियों को भी लाभ मिलेगा। रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्यक्रम के तहत अधिकारियों को ट्रेनिंग देने के लिए टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज को शामिल किया गया था और जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के 50 अधिकारियों को इसमें ट्रेन किया गया है।

पेपरलेस प्रक्रिया से 3-4 दिनों के भीतर वेरिफिकेशन हो जाएगा 

कथित तौर पर, यह कहा गया है कि पासपोर्ट वेरिफिकेशन को कागज रहित प्रक्रिया में बदला जा रहा है और उम्मीद है कि पूरी प्रक्रिया अब 3-4 दिनों की अवधि में पूरी हो जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, पासपोर्ट अधिकारी ने यह भी बताया कि यह वर्तमान योजना,जयपुर में शुरू की गई पायलट परियोजना का एक हिस्सा है। इसकी सफलता के आधार पर, भविष्य में राज्य के सभी क्षेत्रों को कवर करने के लिए योजना के दायरे को बढ़ाया जाएगा।

सूचना तकनीकों के क्षेत्र में प्रगति के साथ, इस तरह के सुधार विकास को बढ़ावा देते हैं और प्रक्रियाओं को सुविधाजनक बनाते हैं। इसके अलावा, यह उम्मीद की जा सकती है कि इसी तरह के हस्तक्षेप अन्य सरकारी विभागों में भी देखे जाएंगे।

सूचना तकनीकों के क्षेत्र में प्रगति के साथ, इस तरह के सुधार विकास को बढ़ावा देते हैं और प्रक्रियाओं को सुविधाजनक बनाते हैं। इसके अलावा, यह उम्मीद की जा सकती है कि इसी तरह के हस्तक्षेप अन्य सरकारी विभागों में भी देखे जाएंगे।

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