रणथंभौर में बाघिन टी-111 ने 4 शावकों को जन्म देने के बाद, राजस्थान 100 से अधिक बाघों की आबादी की मेजबानी करने वाला भारत का नौवां राज्य बन गया है। इस घटना के बाद, राज्य में बाघों की संख्या 102 तक पहुंच गई है। इसके अलावा, राजस्थान का चौथा टाइगर रिजर्व बूंदी के रामगढ़ में स्थापित किया जाएगा। भारत में बाघों की आबादी को बढ़ाने के उद्देश्य से की गई इस पहल को कई लोगों ने सराहा है।

3 साल में बाघों की आबादी 33 तक पहुंची

रामगढ़ में चौथा टाइगर रिजर्व स्थापित करने की मंजूरी हाल ही में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा दी गई है। वर्तमान में, राजस्थान के इस नए स्थान पर बाघों का सुरक्षित स्थानान्तरण सुनिश्चित करने की तैयारी चल रही है। राजस्थान के अन्य तीन बाघ अभ्यारण्य (टाइगर रिजर्व) सरिस्का, रणथंभौर और मुकुंदरा में स्थित हैं, जिनमें से रणथंभौर में बाघों की सबसे अधिक आबादी है, यहां कुल 69 बाघ हैं, जिसमें 18 शावक शामिल हैं।

इसके अलावा, एनटीसीए ने एक बैठक में कहा गया कि मुकुंदरा में अधिक बाघों को स्थानांतरित किया जाएगा, हालांकि, अंतिम निर्णय लेने से पहले स्थानांतरण की स्थिति का आकलन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पिछले 3 वर्षों में राजस्थान में बाघों की संख्या में 33 की वृद्धि हुई है और रामगढ़ टाइगर रिजर्व के शुरू होने के बाद यह संख्या बढ़ने की उम्मीद है।

विभिन्न राज्यों में बाघों की संख्या

राजस्थान में बाघों की संख्या 102 है जबकि सबसे अधिक संख्या 526 मध्य प्रदेश में दर्ज की गई है, जिसके बाद कर्नाटक में 524 बाघ हैं। 400 बाघों के साथ उत्तराखंड तीसरे नंबर पर है और लगभग 300 बाघों के साथ महाराष्ट्र चौथे नंबर पर है। राजस्थान की तुलना में उच्च रैंकिंग वाले अन्य राज्य हैं- तमिलनाडु, केरल, असम और उत्तर प्रदेश।

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