इस महामारी में स्वच्छ एवं संतुलित भोजन बहुत से लोगों के लिए सपना बनकर रह गया है, दिन भर में एक बार भोजन करना भी कई लोगों को नसीब नहीं हो पा रहा है। इस समस्या का सामना अधिकतर वह लोग कर रहे हैं जो या तो कोविड के चलते आईसोलेशन में हैं या जो आर्थिक रूप से कमज़ोर हैं।

जयपुर स्थित अभ्युत्थानम सोसाइटी (Abhyutthanam Society) ने ऐसे ही लोगों की मदद करने के लिए, उन्हें उचित भोजन उपलब्ध कराने का काम शुरू किया है। 2014 में ‘शिक्षा के अधिकार’ की वकालत करने वाले एक गैर सरकारी संगठन के रूप में स्थापित यह सोसाइटी शहर में कोविड रोगियों, उनके परिजनों और आर्थिक रूप से वंचित निवासियों को मुफ्त भोजन प्रदान कर रहा है।

स्विगी के साथ साझेदारी करके इस पहल की शुरूआत की

अभी तक अभ्युत्थानम सोसाइटी (Abhyutthanam Society) जयपुर वासियों के सहयोग से रिकवर होने वाले मरीजों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराती रही है। हाल ही में इसने पूरे शहर में भोजन के पैकेटों की सुरक्षित डिलीवरी के लिए स्विगी के साथ साझेदारी की।

प्रारंभ में, वितरण प्रक्रिया को प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा क्योंकि यह स्वयंसेवकों की उपलब्धता पर निर्भर था, अब स्विगी के साथ इस साझेदारी के कारण क्षेत्र के हर कोने तक खाने को आसानी से पहुंचाया जा रहा है।

इसके अलावा अभ्युत्थानम सोसाइटी (Abhyutthanam Society) शहर के वंचितों के बीच मुफ्त भोजन भी बांट रही है। प्रारंभ में अपने प्रयास से दैनिक आधार पर लगभग 100 लोगों को खाना उपलब्ध करवा रहे थे। इस पहल में एक महीने से अधिक समय में लाभान्वित होने वाले लोगों की संख्या 450 हो गई है।

नॉक-नॉक

इन कठिन समय के दौरान अभ्युत्थानम सोसाइटी (Abhyutthanam Society) द्वारा की गई इस पहल की सभी ने सराहना की है, विशेष रूप से उन लोगों ने जिनको इसके माध्यम से मदद मिली है। जरूरतमंदों के लिए भोजन उपलब्ध कराने का उनका प्रयास स्वामी विवेकानंद की कहावत से प्रेरित है- “मानव जाति की सेवा करना एक सौभाग्य की बात है, क्योंकि यह ईश्वर की पूजा है। ईश्वर यहां है, इन सभी मानव आत्माओं में।”

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