जयपुर एयरपोर्ट ने आवश्यक मेडिकल संसाधनों की जल्द से जल्द और सुरक्षित डिलेवरी करके महामारी के दौरान एक अहम भूमिका निभाई है। रिपोर्ट के अनुसार, जयपुर हवाई अड्डे के अधिकारियों ने 1 मई से 9 जून के बीच 20.59 टन कोरोना के टीकों के परिवहन का प्रबंधन किया है। सोमवार को यह जानकारी देते हुए, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (Airports Authority of India) ने हवाई अड्डे के अधिकारियों द्वारा किये गए कई अन्य कल्याणकारी कार्यों के बारे में बताया।

जयपुर हवाई अड्डे द्वारा सप्लाई को पूरा करने के लिए कई प्रयास

महामारी की दूसरी लहर से बुरी तरह प्रभावित, भारत भर के विभिन्न क्षेत्रों को ऑक्सीजन सहित कई मेडिकल आवश्यकताओं के डिमांड और सप्लाई के बीच गंभीर असंतुलन का सामना करना पड़ा। इस समय के दौरान, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (Airports Authority of India) द्वारा प्रशासित 100 से अधिक हवाई अड्डों ने समस्याओं को हल करने के लिए अपने प्रयास किए। उनमें से, जयपुर हवाई अड्डे ने मेडिकल बुनियादी ढांचे की सहायता के लिए कई पहलों पर काम किया।

इसके एक हिस्से के रूप में, भारतीय वायु सेना ने 26 अप्रैल से 16 मई के बीच जयपुर हवाई अड्डे से 9 ऑक्सीजन टैंकरों को जामनगर हवाई अड्डे तक पहुँचाया। इसके अतिरिक्त, बड़ी मात्रा में कोरोना के टीके, 500 से अधिक ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर, ऑक्सीमीटर के 42 से अधिक बॉक्सों और कोरोना टेस्टिंग किट एवं टीकाकरण किट तथा ब्लैक फंगस की दवाएं भी दो महीनों में जयपुर हवाई अड्डे से पहुंचाई गईं ।

हवाई अड्डे पर कोविड प्रोटोकॉल का पूरा पालन

महामारी को देखते हुए, जयपुर हवाई अड्डे के अधिकारी,यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय और क्षेत्रीय प्रशासन द्वारा जारी सभी निर्देशों का पालन कर रहे हैं। इसके बाद, हवाई अड्डे के कर्मचारियों और यात्रियों दोनों को नियमित रूप से कोरोना उपयुक्त व्यवहार और सामाजिक दूरी बनाये रखने के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखने के लिए कहा जा रहा है। इसके अलावा, महामारी के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक और परमानेंट डिस्प्ले का उपयोग किया जा रहा है। कर्मचारियों की सुरक्षा पर ध्यान देते हुए, हवाई अड्डे के प्रशासन ने अपने कर्मचारियों के लिए टीकाकरण कार्यक्रम भी आयोजित किया है। रिपोर्ट के अनुसार, अब तक आयोजित टीकाकरण की नौ योजनाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में कर्मचारियों को टीका लगाया गया है।

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