राजस्थान में शिक्षा के दायरे को और आगे बढ़ाते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की है कि जयपुर समेत 6 जिलों में नए कॉलेज खोले जाएंगे। इन कॉलेजों की स्थापना से आयुर्वेद और योग के स्वदेशी क्षेत्रों में रुचियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, 700 से अधिक नए शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों को उत्पन्न करने की भी मंजूरी दी गई है जो इन क्षेत्रों में विविधता लाने में मदद करेंगे।

आयुर्वेद से संबंधित सुविधाओं को बढ़ावा देना और विकसित करना

ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान सरकार ने आयुर्वेद, योग और नेचुरोपैथी कॉलेज स्थापित करने की मंजूरी दे दी है। ये इंटीग्रेटेड कॉलेज 6 जिलों- जयपुर, कोटा, सीकर, बीकानेर, भरतपुर और उदयपुर में स्थित होंगे। इसके अलावा, उदयपुर में राजकीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना की स्वीकृति पहले ही दी जा चुकी है। स्वदेशी क्षेत्रों से संबंधित ज्ञान प्रदान करने के लिए उच्च शिक्षा संस्थान स्थापित करने का यह निर्णय राजस्थान के शीर्ष अधिकारियों ने बुधवार को लिया। राज्य आयुर्वेद से संबंधित सुविधाओं को बढ़ावा देने और विकसित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है, जिसका महत्व इस चल रही महामारी के दौरान फिर से सामने आया है। इसके अलावा, नए कॉलेजों और शैक्षणिक पदों की स्थापना के साथ, राज्य सरकार द्वारा 778 नए शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक रिक्तियों को मंजूरी दी गई है। उठाए गए इन कदमों से विविध क्षेत्रों में रुचि रखने वाले शिक्षित युवा उस नौकरी का चयन कर सकते हैं जो उनके लिए सबसे उपयुक्त हैं।

राजस्थान के शिक्षा क्षेत्र में अन्य विकास

हाल ही में, राजस्थान ने जयपुर और अन्य जिलों में आर्थिक रूप से कमज़ोर छात्रों के लिए एक प्रमुख आर्थिक सहायता के रूप में ‘मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना’ को मंजूरी दी। इस योजना के पीछे तर्क यह ध्यान दिया जा रहा है कि प्रत्येक छात्र के पास उज्ज्वल भविष्य का उचित अवसर हो।

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