अडानी समूह द्वारा अधिग्रहण के बाद अगले कुछ हफ्तों में जयपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। कथित तौर पर, अडानी एयरपोर्ट्स होल्डिंग्स लिमिटेड (एएएचएल) कंपनी12 अक्टूबर, 2021 से जयपुर एयरबेस का संचालन करेगी। कंपनी ने पहले ही हवाई अड्डे पर तैयारियाों के तहत अवलोकन काल शुरू कर दिया है और गुरुवार को, हवाई अड्डे के निदेशक के साथ अदानी के सहयोगियों की एक बैठक भी शुरू हो गई है, जिसमें बड़े बदलावों के कार्यान्वयन का संकेत दिया है।

एएएचएल द्वारा जयपुर हवाई अड्डे को किया जाएगा अपग्रेड

एएएचएल पूरी तरह से भारत में लगभग 6 हवाई अड्डों का संचालन करेगा, जिसमें अहमदाबाद, लखनऊ, मैंगलुरु टर्मिनल के साथ-साथ जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम शामिल हैं। भारत में हवाई अड्डों के निजीकरण की कवायद के तहत प्राधिकरण का यह पुनर्गठन किया जा रहा है। यह परिवर्तन वैश्विक बुनियादी ढांचे के साथ शीर्ष सेवाओं को प्रदान करने के लिए किया जा रहा है।

आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद, एएएचएल को 12 अक्टूबर से जयपुर हवाईअड्डे की कमान सौंप दी जाएगी। वर्तमान में, अदानी समूह हवाई अड्डे के संचालन के अवलोकन में लगा हुआ है। इसका मतलब यह है कि एएएचएल के अधिकारी आधिकारिक अधिग्रहण से पहले यहां नियमित काम की निगरानी करेंगे। इन सहयोगियों को यहां  सभी आवश्यक बदलावों और उन्नयनों को नोट करने का काम सौंपा गया है, जिन्हें बाद में आधिकारिक अधिग्रहण के बाद लागू किया जाएगा।

एयरपोर्ट टर्मिनल, ऑपरेशन एरिया, एप्रन एरिया के साथ इंजीनियरिंग फायर सेक्शन, अकाउंट्स, एचआर और कमर्शियल यूनिट समेत सभी विभाग अब अदानी के दायरे में हैं। जानकारी के मुताबिक एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) संभालेगी।

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