कोरोना की तीसरी लहर की संभावनाओं के चलते राज्य के मेडिकल ढांचे को मजबूत करने के लिए राजस्थान भर में बच्चों के लिए मेडिकल सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है। जयपुर के 800 बिस्तरों वाले जेके लोन अस्पताल में 200 पीआईसीयू बेड स्थापित किए गए हैं और आवश्यकता पड़ने पर 600 अन्य बेड का भी उपयोग किया जा सकता है।

जयपुर में सर पदमपत मदर एंड चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट (जेके लोन) और अन्य चिकित्सा केंद्र तीसरी लहर के प्रभाव को कम करने के लिए पर्याप्त संसाधनों को उपलब्ध कराने पर काम कर रहे हैं।

अस्पताल में लगेगा 1500 लीटर ऑक्सीजन प्लांट

कई भविष्यवाणियों के अनुसार, यह उम्मीद की जाती है कि तीसरी लहर के दौरान बच्चे संक्रमण के प्रति सबसे अधिक प्रभावित होंगे। इससे चिंतित होकर, कई प्रयासों पर काम किया जा रहा है और अस्पताल में 200 बिस्तर जल्द ही चालू हो जाएंगे। इसके अलावा, अन्य 600 यूनिट्स को भी आपातकालीन जरूरतों के लिए आरक्षित किया गया है। विशेष रूप से, सभी बेड एक केंद्रीय ऑक्सीजन आपूर्ति प्रणाली से जुड़े हुए हैं और यह बताया गया है कि जेके लोन अस्पताल में 1500 लीटर की क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट होगा।

जरूरत पड़ने पर सेठी कॉलोनी और गणगौर अस्पताल में बनने वाली सुविधाएं 

मुख्यमंत्री के अनुसार, कोविड रोगियों के लिए सेवाओं से 200 बिस्तरों वाली एनआईसीयू यूनिट में कोई बदलाव नहीं आएगा। यहां बच्चों का इलाज वर्त्तमान स्थिति के अनुरूप किया जाएगा। इसके अलावा यदि बेड की कमी पाई जाती है तो सेठी कॉलोनी और गणगौर अस्पताल में अधिक सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। सीएम ने अधिकारियों को निर्धारित समय के भीतर सौंपे गए कार्यों को पूरा करने के लिए कहा, उन्होंने जोर देकर कहा कि काम की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

साथ ही, सीएम अस्पताल की साफ-सफाई की स्थिति से भी खुश थे। उन्होंने अधिकारियों को यह ध्यान रखने का निर्देश दिया है कि स्थिति बनी रहे। इस दौरान एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर भंडारी, जेके लोन अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अरविंद शुक्ला, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरोत्तम शर्मा समेत अन्य वरिष्ठ डॉक्टरों ने सीएम से बातचीत की। 

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