252 वर्ग किमी क्षेत्र में फैले, रामगढ़ विषधारी वन्यजीव अभयारण्य विभिन्न वनस्पतियों और जीवों का घर है। यह अद्भुत प्राकृतिक विरासत रणथंभौर टाइगर रिजर्व और कोटा के मुकुंदरा हिल्स के बीच एक गलियारे की तरह स्थित है। यदि आप जयपुर में किसी रोमांचक गतिविधि की तलाश में हैं, तो इस जगह पर जाने की योजना जल्द से जल्द बनाएं।

रामगढ़ विषधारी वन्यजीव अभयारण्य में मौजूद हैं विभिन्न वनस्पति व जीव

सफारी के दौरान,आप भारतीय भेड़िया, तेंदुआ, धारीदार लकड़बग्घा, स्लॉथ बियर, गोल्डन जैकल, चिंकारा, नीलगाय और लोमड़ी जैसे जीवों की अविस्मरणीय झलक पा सकते हैं। इसके अलावा, अभयारण्य में विविध पक्षियों का भी बसेरा है, जो सभी पक्षियों को देखने में रुचि रखने वाले लोगों को आकर्षित करता है। जयपुर से पांच घंटे की दूरी पर स्थित, रामगढ़ विषधारी वन्यजीव अभयारण्य जाने का सबसे अच्छा समय नवंबर से मार्च तक सर्दियों के महीने में है।

देश में इसे 52वां टाइगर रिजर्व घोषित किया गया 


 


रिपोर्ट के अनुसार, रामगढ़ विषधारी वन्यजीव अभयारण्य राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण से अनुमोदन के बाद बाघ अभयारण्य के रूप में घोषित किए जाने वाला देश का 52वां केंद्र बन गया है। अब, यह राज्य में चौथा बाघ अभयारण्य होगा, इस सूची में रणथंभौर, सरिस्का और मुकुंदरा पहले से शामिल हैं। जहां राजस्थान में अन्य सभी पर्यटन स्थलों को फिर से खोल दिया गया है, वहीं रिपोर्ट के अनुसार, बाघ अभयारण्यों को अभी तक नहीं खोला गया है।

नॉक-नॉक

यदि आप इस अभयारण्य में कुछ समय व्यतीत करते हुए, वन्यजीवों को पास से देखना चाहते हैं, तो भविष्य में इस अभयारण्य की यात्रा आपको एक बेहतरीन अनुभव प्रदान कर सकती है। यहां आप अपने परिवार या दोस्तों के साथ घूमने जा सकते हैं, यात्रा के दौरान मास्क, दस्ताने और सैनिटाइज़र साथ ले जाना ना भूलें!

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