पूरे भारत में परीक्षाओं को रद्द करने की लगातार मांग के बीच, राजस्थान के शिक्षा मंत्री और पीसीसी प्रमुख ने कहा कि राज्य बोर्ड की कक्षा 10 और 12 की परीक्षाएं रद्द नहीं की जाएंगी। संक्रमण बढ़ने के कारण परिक्षाओं में देरी हुई है, हालांकि, शिक्षा मंत्रालय परीक्षा आयोजित करने के लिए एक सुरक्षित तरीके की तलाश कर रहा है। पीसीसी प्रमुख के बयान के अनुसार, जैसे ही कोरोना ग्राफ में गिरावट आएगी, परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।

राज्य ने उचित मूल्यांकन मानदंड (evaluation criteria) विकसित करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया

जहां राजस्थान पर अभी भी कोविड का खतरा मंडरा रहा है, राज्य के शिक्षा मंत्री ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करना उन छात्रों के लिए अनुचित होगा, जिन्होंने अपने सपनों के संस्थानों में प्रवेश पाने के लिए ईमानदारी से तैयारी की है। उन्होंने छात्रों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए उचित मानदंड तय करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। यह सुनिश्चित करेगा कि ऑनलाइन और ऑफलाइन कक्षाओं की अव्यवस्था और बढ़े हुए कोविड प्रसार के अन्य खतरों के बावजूद सभी उम्मीदवारों का उचित रूप से मुल्यांकन किया जा सके।

जनमत परीक्षा के पक्ष में नहीं है, राजस्थान भर में कई माता-पिता और छात्रों ने रद्द करने पर ज़ोर दिया है। हालांकि शिक्षा मंत्री ने इस संबंध में सभी आशंकाओं से इनकार किया है। उन्होंने समझाया कि भले ही कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी जाती हैं और छात्रों को 11 वीं कक्षा में पदोन्नत कर दिया जाता है, उनकी कक्षाएं फिलहाल निलंबित ही रहेंगी।

यह बदले में एक ऐसी स्थिति पैदा करेगा जब छात्र एक और रद्द करने की मांग करेंगे और उनका आधार कमजोर हो जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा, “इसलिए एक बार संक्रमण दर कम होने के बाद, हमारे पास परीक्षा आयोजित करने की योजना है।” उन्होंने कहा, “इस तरह, बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने की ऐसी कोई योजना नहीं है।”

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