निरंतर बढ़ते हुए कोरोना वायरस संक्रमण की कड़ी को तोड़ने के लिए जयपुर प्रशासन ने एक मेगा प्लान ड्राफ्ट किया है जिसमें टेस्टिंग के बिना भी घर पर आइसोलेटेड मरीज़ों को दवाइयों की किट पहुंचाएगी जायेगी। ये एक फ़ास्ट ट्रैक उपाय है जिसमें कोरोना जैसे लक्षण दिखने पर मरीज़ जब तक आरटी-पीसीआर माप द्वारा जांच कराने के लिए प्रतीक्षा करते हैं तब तक समय पर मेडिकल सहायता मिल पाएगी। यह संक्रमण को मरीज़ के शरीर में गंभीर रुप से आगे फैलने से बचाएगा।

जयपुर प्रशासन ने 2 लाख होम आइसोलेशन किट तैयार किये


जयपुर के जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी के साथ मिलकर घर घर जाकर सर्वे करने की योजना की शुरुआत की है जिसमें उन लोगों को ट्रैक किया जाता है जिनमें कोविड जैसे लक्षण दिखाई पड़ते हैं और फिर झुकाम, खांसी और बुखार वाले मरीज़ों की एक लिस्ट बनायीं जायेगी उसके बाद इन व्यक्तियों के सेल्फ ट्रीटमेंट को शुरू करने के लिए मेडिकल किट दी जाएंगी वो भी कोरोना टेस्ट के बिना। रिपोर्ट के अनुसार जयपुर के हर तीन में से एक व्यक्ति को ILI (इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी है) जिसने कई जिलों में एक अलार्मिंग स्थिति पैदा कर दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, ILI की परिभाषा निम्नलिखित स्थितियों को संदर्भित करती है:

बुखार, खांसी, थकान, सरदर्द

जयपुर के चिकित्सा विभाग ने करीब 2 लाख कोरोना होम आइसोलेशन किट तैयार की हैं और इन्हे सभी मरीज़ों में वितरित किया जाएगा जिनमें बुखार, खांसी, थकान, सरदर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इस अभियान की सफलता तब होगी जब यह प्रभावी रूप से कोरोनो वायरस संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ देगी। कथित तौर पर जयपुर, राजस्थान में कोरोना संक्रमण का सबसे बड़ा केंद्र है और यह वृद्धि काफी हद तक धीमी गति से टेस्टिंग और उपचार के कारण हुई है। जयपुर ने शुक्रवार को 4,902 मरीज़ों के साथ कोविड का सबसे अधिक एकल - दिन देखा। इस समय 48,024 एक्टिव केस हैं और 88,026 लोग रिकवर हो चुके हैं, वहीं 1,068 लोगों की कोरोना से मृत्यु हो चुकी है।