राजस्थानी भाषा व संस्कृति को नई पहचान देते हुए, अशोक चौधरी की फिल्म ‘टर्टल’ ने नेशनल अवार्ड से जीतकर नया इतिहास रचा है। यह पहली राजस्थानी फिल्म है जिसे 66वें राष्ट्रपति पुरस्कार समारोह में  इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाज़ा गया।

जल संकट पर आधारित है यह फिल्म

फिल्म का प्लॉट जल संकट और पानी को लेकर तीसरे विश्वयुद्ध की कल्पना पर आधारित है। फिल्म निर्माता अशोक चौधरी ने फिल्म के बारे में बात करते हुए बताया कि टर्टल फिल्म की कहानी उनके गांव से प्ररित है, जहां उन्होंने पानी की समस्या को करीब से देखा और महसूस किया है। लगभग 195 देश आज पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। हालात ये हैं कि आज 100 से 150 रुपए लीटर पानी बिक रहा है। पानी की समस्या को देखते हुए लोगों को जागरुक करने के मकसद से यह फिल्म बनाई है, जिससे लोगों की सोच में बदलाव आए।

 महामारी के चलते ये फिल्म सिनेमाघरों में प्रदर्शित नहीं हो पाई थी। अब तक फ़िल्म को 190 देशों में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ किया जा चुका है और लोग इसकी सराहना भी कर रहे हैं। अब इसका वर्ल्ड टेलिविजन प्रीमियर किया जा रहा है।

 राजस्थानी संस्कृति को मिली नई पहचान

इससे राजस्थान की कला संस्कृत व पर्यटन को नई पहचान मिलेगी। इस फिल्म ने राजस्थानी भाषा, कला संस्कृति व पर्यटन को पूरी दुनिया में नई पहचान दिलाई है। इस फिल्म को दिनेश एस. यादव ने डायरेक्ट किया है। प्रतीक चालना फिल्म के एसोशिएट प्रोड्यूसर हैं और समीर पहाड़िया कास्टिंग डायरेक्टर हैं।

फिल्म में जहां लीड रोल में जाने माने एक्टर संजय मिश्रा हैं, वहीं कई अन्य जाने-माने कलाकार भी इस फिल्म का हिस्सा बने हैं। खास बात ये है कि इसमें जयपुर और राजस्थान के ज्यादातर कलाकारों को मौका दिया गया है। साथ ही इसकी पूरी शूटिंग भी जयपुर सहित राजस्थान के शहरों और गांवों में ही की गई है।

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