राजस्थान राज्य बोर्ड ने 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों के परिणाम तय करने का फॉर्मूला जारी कर दिया है। 12 सदस्यीय समिति ने इस संबंध में रिपोर्ट तैयार कर शिक्षा मंत्री को भेजी है, जिसे उन्होंने बुधवार को मंजूरी दे दी। जैसा कि प्रेस नोट में कहा गया है, कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणाम 45 दिनों के भीतर जारी किए जाएंगे, और जो छात्र इस साल सुधार परीक्षा दे रहे हैं, या जिन्होंने निजी फॉर्म भरे हैं, उनके लिए महामारी की स्थिति में सुधार होने के बाद राजस्थान बोर्ड परीक्षा आयोजित करेगा।

कक्षा 10 वीं के परिणामों की गणना के लिए अंकभार (वेटेज) वितरण

इस फॉर्मूले को तैयार करने का काम जिस समिति को सौंपा गया था, उसने यह निर्णय लिया है कि पिछले दो वर्षों में एक छात्र द्वारा ली गई परीक्षाओं का मूल्यांकन के बाद परिणाम तैयार किए जाएंगे। कक्षा 10 के छात्र के लिए, कक्षा 8 के परिणामों को 45 प्रतिशत, कक्षा 9 के परिणामों को 25 प्रतिशत और अंतिम रिजल्ट तैयार करते समय कक्षा 10 की परीक्षाओं का अंकभार (वेटेज) 10 प्रतिशत रहेगा।

इसके अलावा, जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि कक्षा 10 वीं के परिणामों का वेटेज एक स्कूल समिति द्वारा तय किया जाएगा जिसमें प्राचार्य, कक्षा शिक्षक और विषय शिक्षक शामिल होंगे। यह समिति इस शैक्षणिक सत्र में एक बच्चे के प्रदर्शन का मूल्यांकन करेगी, जिसे विभिन्न डिजिटल और नवीन तकनीकों जैसे- SMILE और SMILE-2, के माध्यम से आंका जाएगा। जारी अधिसूचना के अनुसार, इसका अंकभार (वेटेज) 20 प्रतिशत हो सकता है।

कक्षा 12 वीं के परिणामों की गणना के लिए अंकभार (वेटेज) वितरण

कक्षा 12 वीं के छात्रों के अंतिम परिणाम के लिए, उनके कक्षा 10वीं के परिणामों के लिए 40 प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा, और कक्षा 11वीं में प्राप्तांक को 20 प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा। इसके अलावा, वर्तमान शैक्षणिक सत्र के दौरान लिए गए परीक्षण भी राजस्थान बोर्ड द्वारा तैयार किए गए परिणामों में 20 प्रतिशत का योगदान देंगे।

प्रैक्टिकल के संबंध में, यह कहा गया है कि लगभग 40 प्रतिशत स्कूलों ने प्रैक्टिकल परीक्षाओं का आयोजन कर बच्चों को नंबर भी दे दिए हैं। राज्य के गृह विभाग और स्वास्थ्य विभाग से पूर्व अनुमति लेने के बाद, जिन स्कूलों में अभी तक प्रायोगिक परीक्षा नहीं हुई है, उन्हें ऑनलाइन या ऑफलाइन परीक्षा करवाने की अनुमति दी जाएगी।