यूजीसी की गाइडलाइंस, सुप्रीम कोर्ट के फैसले और विभागीय समितियों के सुझावों को देखते हुए राजस्थान प्रशासन ने यूनिवर्सिटी और कॉलेज परीक्षाओं के लिए निर्देश जारी किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम वर्ष या अंतिम सेमेस्टर के यूजी और पीजी छात्रों के लिए परीक्षा जुलाई के अंतिम सप्ताह या अगस्त के पहले सप्ताह में आयोजित की जाएगी। इसके बाद, परिणाम सितंबर के अंत तक घोषित किए जाएंगे।

स्थिति में सुधार होने पर दूसरे वर्ष के विद्यार्थियों के लिए ऑफलाइन परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी


राजस्थान कैबिनेट के उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि कक्षा 10वीं और 12वीं में प्राप्त अंकों के आधार पर यूजी प्रथम वर्ष के छात्रों को प्रोमोट किया जाएगा। हांलाकि, द्वितीय वर्ष के छात्र, तीसरे वर्ष के लिए ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेना शुरू कर देंगे, लेकिन उनके लिए ऑफलाईन परिक्षाएं कोविड-19 की स्थिति में सुधार होने के बाद आयोजित की जाएंगी,और परिणाम 31 दिसंबर, 2021 तक घोषित किए जाएंगे।

रिपोर्ट के अनुसार, उन पाठ्यक्रमों के लिए ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की जा सकती है, जिनमें छात्रों की संख्या कम है और ऑफ़लाइन परीक्षा आयोजित करने के लिए अपर्याप्त संसाधन हैं। कथित तौर पर, मंत्री ने पुष्टि की कि परीक्षा केंद्रों पर सभी कोविड ​​​​प्रोटोकॉल का आदेशों के साथ पालन किया जाएगा। इसके साथ ही विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के विद्यार्थियों और कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर टीका लगाया जाएगा। यदि कोई संक्रमित व्यक्ति परीक्षा के लिए उपस्थित होने में विफल रहता है, तो उसे भविष्य में एक वैकल्पिक अवसर दिया जाएगा।

प्रश्न पत्र में छात्रों को 50 फीसदी सवालों को सॉल्व करना होगा



रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षाओं की समय सीमा 3 घंटे से घटाकर 1.5 घंटे कर दी जाएगी। इसके अलावा, एक दिन में ही दो पेपर छात्रों को देने होंगे और प्रश्न पत्र में 50 फीसदी सवालों को छात्रों को हल करने होंगे। संसाधनों की जरूरत और उपलब्धता के आधार पर परीक्षा केंद्रों को भी बढ़ाया जाएगा। कथित तौर पर, उच्च शिक्षा मंत्री ने पुष्टि की कि भविष्य में यूजीसी द्वारा जारी किए गए सभी निर्देशों को वर्तमान योजना में शामिल किया जाएगा।