मुख्य बिंदु

राजस्थान के नागौर जिले के पीह गांव में एक 7 मंजिला बर्ड हाउस तैयार किया गया है।
ये 7 मंजिला बर्ड हाउस अब करीब 3 हजार पक्षियों का वो आशियाना होगा।
इस 65 फीट बर्ड हाउस को अजमेर के चंचलदेवी बालचंद लुणावत ट्रस्ट ने बनवाया है।
इस पहल का उद्देश्य पक्षियों को सभी सुविधाएं प्रदान करके उनकी मदद करना है।
इस बर्ड हाउस को तैयार करने में लगभग 8 लाख रुपए का खर्च किये गए हैं।
यह पक्षियों को बारिश, कठोर सर्दियों या गर्मियों के दौरान एक शेड के रूप में कार्य करेगा।

देश में पहली बार, राजस्थान के नागौर जिले के पीह गांव में एक 7 मंजिला बर्ड हाउस तैयार किया गया है। परबतसर तहसील में अरावली पहाड़ियों की तलहटी में स्थित इस सात मंजिला बर्ड हाउस का निर्माण अजमेर की चंचलदेवी बलदेवी लूनावत ट्रस्ट द्वारा किया गया है। बुधवार को आधिकारिक गृह प्रवेश समारोह के बाद, 65 फीट का यह अनोखा टॉवर पक्षियों को चौबीसों घंटे भोजन और पानी देने के लिए तैयार है।

₹8 लाख की लागत से निर्मित

₹8 लाख की लागत से निर्मित, इस अनूठी पहल का उद्देश्य पक्षियों को सभी सुविधाएं प्रदान करके उनकी मदद करना है। यह मीनार पक्षियों को बारिश, कठोर सर्दियों या गर्मियों के दौरान चिलचिलाती गर्मी से बचाने के लिए एक शेड के रूप में कार्य करेगा। इस स्थल पर बर्ड हाउस के अलावा पक्षियों के लिए वाटर पूल भी बनाया गया है।

कथित तौर पर, लूनावत ट्रस्ट के परोपकारी लोगों द्वारा ₹ 1 करोड़ की भूमि पहले दान की गई थी जिसका उपयोग बच्चों के लिए एक पार्क और वरिष्ठों के लिए एक प्रार्थना कक्ष बनाने के लिए किया गया था। इसके अलावा जमीन का एक हिस्सा पहले से ही कबूतर के शेड के रूप में इस्तेमाल किया जाता था, जबकि यह पक्षी घर इस क्षेत्र में एक अतिरिक्त आकर्षण है।

उल्लेखनीय है कि भूमि पर अशोक के 100 वृक्षों सहित कुल 400 वृक्ष व पौधे लगाए गए हैं। 14 जनवरी 2014 को जैन संत रूप मुनि और विनय मुनि द्वारा इसका उद्घाटन किया गया, यह कबूतर शेड पिछले 8 वर्षों से पक्षियों की सेवा कर रहा है। यहां रोजाना 5 से 6 बोरी धान कबूतरों को खिलाया जाता है।

भारत का पहला सुव्यवस्थित कबूतर घर

खर्च के प्रबंधन के बारे में बात करते हुए ट्रस्ट के अध्यक्ष नथमल दुग्गड़ ने कहा, “ट्रस्ट के खाते में जमा एफडी पर बैंक से अर्जित ब्याज यहां पक्षियों के लिए उपयोग किया जाता है। वर्तमान में ₹50 लाख बैंक खाते में जमा है। मूल राशि का कभी उपयोग नहीं किया जाता है”।

दुग्गड़ जी के मुताबिक, अजमेर मंडी से करीब तीन लाख रुपये का धान महीने में चार-पांच बार आता है। नए बर्ड हाउस के साथ अब भोजन और पानी की खपत बढ़ने की उम्मीद है। माना गया है की यह भारत का पहला सुव्यवस्थित कबूतर घर है और इस अनूठी पहल का उद्देश्य पक्षियों को एक सुरक्षित स्थान प्रदान करना है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *