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मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के स्कूली पाठ्यक्रम में योग को शामिल करने का फैसला लिया।
मुख्यमंत्री ने बताया की योग को खेल के रूप में विकसित कर स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम में किया जाएगा शामिल।
जनता के बीच योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार योग आयोग का भी करेगी गठन।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (National Education Policy 2020) को राज्य में लागू करने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक।
स्कूली पाठ्यक्रम में योग को शामिल करने से विद्यार्थियों को अच्छी जीवनशैली विकसित करने की मिलेगी प्रेरणा।

स्कूली छात्रों को योग और योग से होने वाले अनेकों फायदे बताने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के स्कूली पाठ्यक्रम में योग को शामिल करने का फैसला लिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 (National Education Policy 2020) के क्रियान्वयन को लेकर एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया की योग को खेल के रूप में विकसित कर स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।

इसी के चलते जनता के बीच योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार योग आयोग का भी गठन करेगी। स्कूली पाठ्यक्रम में योग को शामिल करने से विद्यार्थियों को अच्छी जीवनशैली विकसित करने की प्रेरणा मिलेगी।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 को लेकर टास्क फोर्स के साथ हुई बैठक

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (National Education Policy 2020) को राज्य में लागू करने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य के शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, गठित टास्क फोर्स के सदस्य और अन्य लोग भी शामिल थे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रों के बीच श्रम के प्रति सम्मान स्थापित करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा प्रणाली ने छात्रों में कार्य करने की प्रवृत्ति और श्रम के प्रति सम्मान की भावना को कम किया है, जिसके चलते शिक्षा को दिलचस्प बनाने की जरुरत है ताकि विद्यार्थी शिक्षा के प्रति प्रेरित हो सकें।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (National Education Policy 2020) को 29 जुलाई 2020 में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृति प्रदान करी गयी थी जिसका उद्देश्य 2040 तक मौजूदा भारतीय शिक्षा प्रणाली में सकारात्मक बदलाव लाना है।

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