जरुरी बातें

इंदौर की वंदना जैन ने स्ट्रीट्स डॉग्स को बेहतर जीवन देने के लिए ‘डॉगिटाइजेशन’ की शुरुआत।
स्ट्रीट डॉग्स को भोजन, गर्म कपड़े और आश्रय प्रदान किये जा रहे हैं।
टीम, शहर के स्ट्रीट डॉग्स के लिए एक रहने योग्य वातावरण बनाने के लिए काम कर रही है।
इस पहल से शहर में कुत्ते के काटने के मामलों और दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।

आदर्श नागरिक समाज के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए, इंदौर की वंदना जैन ने स्ट्रीट डॉग्स को भोजन, गर्म कपड़े और आश्रय प्रदान करने के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है। इस अभियान को ‘डॉगिटाइजेशन’ (Dogitization) नाम दिया गया है। जिसके तहत जैन और उनकी टीम शहर के स्ट्रीट डॉग्स के लिए एक रहने योग्य वातावरण बनाने के लिए काम कर रही है ताकि उन्हें जनता के प्रति सौहार्दपूर्ण बनाया जा सके। वंदना ने इस अभियान पर बात करते हुए बताया की उनकी इस पहल से शहर में कुत्ते के काटने के मामलों और दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।

एक विचारधारा है ‘डॉगिटाइजेशन’

शैली सूद ने ‘डॉगिटाइजेशन’ (Dogitization) पर काम करते हुए बताया कि,”डॉगिटाइजेशन एक संगठन नहीं है, बल्कि यह एक विचारधारा है। हमने स्ट्रीट डॉग्स की समस्याओं को दूर करने के उपाय खोजे हैं। उन्हें ठंड से बचाने के लिए हमने एक मॉडल हाउस बनाया है ताकि वे यहां आराम से रह सकें।” इसके अतिरिक्त उन्होंने यह भी बताया कि,”हमने स्ट्रीट डॉग्स के खाने का भी इंतजाम किया है। स्ट्रीट डॉग्स की समस्या के लिए हम नगर निगम भी गए हैं, लेकिन उन्होंने ठीक से कोई जवाब नहीं दिया। हम पिछले पांच साल से यह काम कर रहे हैं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित कर रहे हैं। ”

वृंदा व्यास ने कहा, “मैं तीन साल से ‘डॉगिटाइजेशन’ से जुड़ी हूं। मैंने अपने क्षेत्र में स्ट्रीट डॉग्स की भी देखभाल करना शुरू कर दिया है। हम किसी से आर्थिक दान नहीं मांगते हैं। लोगों द्वारा दी गयी राशि का उपयोग स्ट्रीट डॉग्स की देखभाल के लिए किया जाता है ।”

एक अन्य स्थानीय महिला जसविंदर कौर छाबड़ा ने कहा, “लॉकडाउन के दौरान, मैंने देखा है कि जब मैं अपने डॉग को खाना खिला रही थी तो स्ट्रीट डॉग्स मुझे देख रहे थे। उस समय, मैंने उन्हें भी खाना खिलाना शुरू कर दिया। मैंने ‘डॉगिटाइजेशन’ पेज देखा उसके बाद सोशल मीडिया पर उनसे जुड़ी। जब मैं स्ट्रीट डॉग्स को खाना खिलाने जाती थी, तो कई लोगों ने इसका विरोध किया। लेकिन, समाज में एक बदलाव देखा गया है, और मेरा मानना ​​है कि हमें लोगों को स्ट्रीट डॉग्स के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना चाहिए।”

‘डॉगिटाइजेशन’ नवीनीकृत अभियान के साथ एक मानवीय शक्ति है, जो ठंड के मौसम के दौरान स्ट्रीट डॉग्स को आश्रय प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में ठंड का प्रकोप कम हो गया है, लेकिन इस पहल से स्ट्रीट डॉग्स के लिए निरन्तर काम किया जा रहा है।

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