जरूरी बातें

इंदौर में प्रदुषण पर नियंत्रण पाने के लिए हवा में मौजूद प्रदुषण के स्रोत की पहचान की जाएगी।
क्लीन एयर केटलिस्ट प्रोग्राम (सीएसीपी) के तहत शहर में 5 जगहों पर लगाए जायेंगे हाई वॉल्यूम एयर सैंपलर।
प्रदुषण के स्रोतों का पता लगाने के लिए 18 महीने तक चलेगी स्टडी।
पोस्ट ग्रेजुएशन के छात्रों को दिए जायेंगे छोटे-छोटे प्रोजेक्ट।
शहर में व्यावसायिक इलेक्ट्रिक वाहनों को सब्सिडी और दो साल तक चार्जिंग की फ्री सुविधा दी जाएगी।

भारत के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में प्रदुषण पर नियंत्रण पाने के लिए हवा में मौजूद प्रदुषण के कारणों की पहचान की जाएगी। बीते मंगलवार को सिटी बस ऑफिस में क्लीन एयर केटलिस्ट प्रोग्राम को लेकर हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शुरू हुए क्लीन एयर केटलिस्ट प्रोग्राम (सीएसीपी) के तहत शहर में पांच जगहों पर हाई वॉल्यूम सैम्पलर लगाए जायेंगे।

यह हाई वॉल्यूम एयर सैंपलर शहर की हवा में मौजूद उन कारणों का पता लगाने में सक्षम होंगे जिसकी वजह से प्रदुषण होता है। हाई वॉल्यूम सैम्पलर की मदद से पता चल सकेगा कि प्रदूषण को बढ़ाने में पीएम 2.5 व पीएम 10 के अलावा और कौन-कौन से कण या गैसें ज़िम्मेदार हैं।

आसपास के शहरों पर भी दिया जायेगा ध्यान

शहर में प्रदुषण कम करने के लिए इस अभियान के तहत शहर के आस-पास वाले शहरों में भी प्रदुषण कम करने पर ध्यान दिया जायेगा। इस स्टडी की अवधी 18 महीनों की होगी जिसमें गर्मी व सर्दी के एक-एक महीने में भी प्रदूषण की जांच की जाएगी। दिसंबर से जनवरी और अप्रैल से मई ये वो समय होगा जब इस स्टडी के तहत प्रदुषण के कारणों का पता लगाया जायेगा। इस स्टडी को करने के लिए पोस्ट ग्रेजुएशन के छात्रों को चुना जायेगा और छोटे-छोटे प्रोजेक्ट दिए जायेंगे।

व्यावसायिक इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए होगी फ्री चार्जिंग की सुविधा

इंदौर नगर निगम ने परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस के सहयोग के साथ शहर में डीजल लोडिंग वाहनों को काम करने के लिए अहम फैसला लिया है। जिसके तहत शहर में चलने वाले व्यावसायिक इलेक्ट्रिक वाहनों को सब्सिडी के साथ दो साल तक चार्जिंग की फ्री सुविधा दी जाएगी। इस फैसले से शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों के द्वारा शहर के एयर क्वालिटी इंडेक्स में सुधार लाया जायेगा।

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