जरूरी बातें

इंदौर के जिलाधिकारी ने शहर भर में धारा 144 लागू कर दी है। 

इंदौर में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक नाईट कर्फ्यू लगाया गया है। 

इंदौर में विभिन्न स्थानों पर कोविड देखभाल केंद्र 2 दिनों में चालू हो जाएंगे।

निजी अस्पतालों को कम से कम 10% कोरोना रोगियों के लिए आरक्षित करना होगा।

सार्वजनिक स्थानों पर बिना मास्क के पाए जाने वालों पर ₹200 का जुर्माना लगाया जाएगा।

शहर में बढ़ते कोरोना ​​मामलों के बीच, इंदौर के जिलाधिकारी ने महामारी रोग अधिनियम, 1897 और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत शहर भर में धारा 144 लागू कर दी है। बढ़ते ओमिक्रॉन डर के बीच, रात 11 बजे से नाईट कर्फ्यू , संक्रमण में और वृद्धि के जोखिम को खत्म करने के लिए इंदौर में भी सुबह 5 बजे तक लगाया गया है। इंदौर में संशोधित कोरोनावायरस के चलते लागू दिशानिर्देशों के बारे में अधिक जानने के लिए पढ़ें।

इंदौर में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को बढ़ाना

शहर में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए, प्रशासन ने इंदौर में विभिन्न स्थानों पर कोविड देखभाल केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। एसडीएम व अन्य स्थानीय प्रशासकों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि यह केंद्र एक सप्ताह में स्थापित हो जाए। स्थापना के बाद ये केंद्र 2 दिनों में चालू हो जाएंगे।

प्रेस रिलीज़ के अनुसार, 50 से अधिक बिस्तरों वाले निजी अस्पतालों को अपनी क्षमता का कम से कम 10% कोरोना रोगियों के लिए आरक्षित करना होगा। प्रशासन ने पूरे इंदौर में ऑक्सीजन प्लांट वाले सभी अस्पतालों को ऑक्सीजन शुद्धता प्रमाणन, प्लांट के प्रबंधन के लिए तकनीशियन और एक व्यापक मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट प्राप्त करने के लिए 7 दिनों की नोटिस अवधि दी है। इन नियमों का उल्लंघन करने पर प्राधिकरण से भारी जुर्माना वसूला जाएगा।

कोरोना के खिलाफ टीकाकरण पर जोर

प्रशासन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, 18 वर्ष से अधिक आयु के पूर्ण टीकाकरण वाले लोगों को ही शहर भर के मल्टीप्लेक्स, कोचिंग सेंटर, जिम, स्विमिंग पूल, क्लब और स्टेडियम में प्रवेश करने की अनुमति होगी। चूंकि 18 साल से कम उम्र के लोगों के लिए कोई टीका उपलब्ध नहीं है, इसलिए उन्हें इस नियम से छूट दी गई है।

स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के सभी स्टाफ सदस्यों के साथ-साथ 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के छात्रों को कक्षाओं में भाग लेने के लिए पूरी तरह से टीकाकरण करवाना होगा। अधिकारियों द्वारा जारी नोटिस में टीकाकरण के महत्व पर भी जोर दिया गया है। सभी सरकारी कार्यालयों के प्रमुखों को न केवल स्वयं टीकाकरण करवाना होता है बल्कि यह भी सुनिश्चित करना होता है कि उनके कर्मचारी भी जागरुक रहें।

इसके अलावा प्रशासन ने आम जनता से अपनी सुरक्षा के लिए बेवजह बाहर निकलने से बचने और मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग की पाबंदियों का पालन करने की अपील की है। सार्वजनिक स्थानों पर बिना मास्क के पाए जाने वालों पर ₹200 का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, ठीक से मास्क नहीं पहनने पर भी उतना ही जुर्माना लगेगा।

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