जरूरी बातें

इंदौर में 1,417 करोड़ रुपये की लागत से पूरी होगी पहले चरण की मेट्रो रेल परियोजना।
साल 2023 तक मेट्रो का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
पहले चरण में 31.53 किमी की दूरी तय की जाएगी।
इंदौर मेट्रो में कुल छह कोच होंगे लेकिन पहले चरण में सिर्फ तीन कोच ही होंगे।

इंदौर में आवागमन को सुगम बनाने के लिए मेट्रो रेल परियोजना की शुरुआत हो गयी है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 1,417 करोड़ रुपये के लागत वाली पहले फेज की मेट्रो रेल परियोजना का शिलान्यास किया और साल 2023 तक मेट्रो का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जिसके बाद पूरे शहर में मेट्रो का संचालन किया जायेगा और मेट्रो का रूट रिंग की तरह गोलाकार होगा।

यह रुट देवी अहिल्याबाई होल्कर एयरपोर्ट से शुरू होकर शहर के विभिन्न इलाकों से गुजरेगा। पहले चरण में मेट्रो गांधी नगर से भवरसाला, रैडिसन स्क्वायर, बंगाली स्क्वायर, इंदौर रेलवे स्टेशन, रजवाड़ा पैलेस से हवाई अड्डे तक चलेगी। शहर की आबादी लगभग 25 लाख है, जबकि वाहन 19 लाख हैं, ऐसे में सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव ज्यादा रहता है। मेट्रो का संचालन शुरू होने के बाद यातायात पर पड़ रहे लोड को कम किया जा सकेगा।

पहले फेज में होंगे 30 मेट्रो स्टेशन

इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के पहला चरण का निर्माण पूरा होने पर 31.53 किलोमीटर की दूरी को कवर किया जाएगा। जिसे एलिवेटेड और अंडरग्राउंड रूटों को मिलाकर बनाया जाएगा जिसके तहत 30 मेट्रो स्टेशन शामिल होंगे।

पहले चरण में भावरसाला स्क्वायर, एमआर 10 रोड, आईएसबीटी / एमआर 10 फ्लाईओवर, चंद्रगुप्त स्क्वायर, हीरा नगर, बापट स्क्वायर, मेघदूत गार्डन, विजय नगर स्क्वायर, रेडिसन स्क्वायर, मुमताज बाग कॉलोनी, बंगाली स्क्वायर, पत्रकार कोलोय, पलासिया स्क्वायर, उच्च न्यायालय / होटल रेजीडेंसी , इंदौर रेलवे स्टेशन, रजवाड़ा पैलेस, मौलाना आजाद मार्ग, बड़ा गणपति, रामचंद्र नगर स्क्वायर, कालानी नगर, बीएसएफ, एयरपोर्ट, गांधी नगर नैनोद, सुपर कॉरिडोर 6, सुपर कॉरिडोर 5, सुपर कॉरिडोर 4, सुपर कॉरिडोर 3, सुपर कॉरिडोर 2 और सुपर कॉरिडोर 1 मेट्रो स्टेशन शामिल होंगे।

मेट्रो में होंगे छह कोच

इंदौर में चलने वाली मेट्रो में छह कोच होंगे। हालांकि पहले चरण में सिर्फ़ तीन कोच ही होंगे। पहले ही दिन से हर 15 मिनट में यात्रियों को हर स्टेशन पर ट्रेन मिले, इसके लिए 25 मेट्रो ट्रेन एक साथ दौड़ेंगी। एक ट्रेन के तीन कोच में 975 यात्री सफर कर सकेंगे। संपूर्ण मेट्रो रेल परियोजना की कुल लागत 9000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इसके अतिरिक्त हर स्टेशन की डिजाइन कैंटिलिवर स्टाइल में होगी जिसका मतलब है कि स्टेशन सिर्फ एक पिलर पर टिका रहेगा।

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