जरुरी बातें

बिजली खपत पर नियंत्रण पाने के लिए पूरे शहर में सौर्य उर्ज़ा प्लांट स्थापित किये जाएंगे।
शहर के 100 सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों पर 2 किलोवाट की क्षमता वाले सोलर पैनल लगाए जाएंगे।
प्रत्येक सोलर प्लांट को लगाने के लिए 1.25 लाख रुपये का आएगा खर्च।
इस अभियान के तहत 70% तक कम ख़पत होगी बिजली।
शहर में इंदौर नगर निगम द्वारा पहले ही कई स्थानों पर लगाए जा चुके हैं सौर्य ऊर्जा प्लांट।

इंदौर स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट लिमिटेड (ISCDL) बिजली खपत पर नियंत्रण पाने के लिए पूरे शहर में सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित करेगा। हरित ऊर्जा परियोजना के तहत शहर के 100 सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों पर 2 किलोवाट की क्षमता वाले सोलर पैनल लगाए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान इंदौर स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट लिमिटेड (ISCDL) द्वारा कार्बन क्रेडिट के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा जिसका उपयोग वैश्विक बाजार में इसे बेचकर राजस्व उत्पन्न करने के लिए किया जा सकता है।

बिजली की खपत 70% तक कम की जायेगी

रिपोर्ट के अनुसार प्रत्येक सोलर प्लांट को लगाने के लिए 1.25 लाख रुपये का खर्च आएगा। इंदौर स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट लिमिटेड (ISCDL) द्वारा शुरू की गयी इस पहल में कुछ निजी कंपनियों ने भी रूचि दिखाई है और अगर कोई व्यक्ति इस अभियान में अपना योगदान देना चाहता है, तो वो भी इस अभियान के तहत हरित पर्यावरण के लिए अपना योगदान दे सकता है। योजना के तहत इस पहल में सबसे पहले आधुनिक सुविधाओं से लैस सार्वजनिक शौचालयों को शामिल किया जाएगा।

विशेष रूप से सार्वजनिक शौचालयों में लाइट, हैंड ड्रायर, सेंसर-आधारित फ्लशिंग सिस्टम, पानी की टंकी की रिफिलिंग आदि के लिए औसतन 3 किलोवाट बिजली की आवश्यकता होती है। इन सोलर पैनलों को स्थापित करने के बाद, नगर पालिका न केवल बिजली की खपत को 70% तक कम कर पायेगी, बल्कि ज्यादा आने वाले बिजली के बिल पर भी नियंत्रण हासिल कर सकेगी। इस बीच, पूरे शहर में इंदौर नगर निगम द्वारा कचरा संग्रहण स्थलों, सार्वजनिक उद्यानों और क्षेत्रीय पार्कों में सौर्य ऊर्जा प्लांट पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं।

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