इंदौर में आठवीं के बाद स्कूल छोड़ चुके बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए और उनके रोजगार की व्यवस्था के लिये नई शिक्षा नीति के तहत उन्हें विभिन्न ट्रेड का नि:शुल्क कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए इंदौर जिले के 6 सरकारी स्कूलों को स्किल हब प्रशिक्षण योजना के तहत  चुना गया है। रिपोर्ट के अनुसार, कार्यक्रम को इस साल एक पायलट परियोजना के रूप में चलाया जाएगा। इन शिक्षा केंद्रों में प्रशिक्षकों को राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) द्वारा निर्देशित किया जाएगा।

कार्यक्रम का विवरण

  • 15 से 29 वर्ष की आयु के उम्मीदवार मुफ्त में नामांकन के लिए पात्र हैं, बशर्ते कि उन्होंने कक्षा 8 उत्तीर्ण की हो या कक्षा 9 में अनुत्तीर्ण हो।
  • प्रशिक्षण कार्य
  • 3 विशिष्ट क्षेत्रों के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा – सॉफ्टवेयर प्रशिक्षण, फील्ड तकनीशियन प्रशिक्षण, और सामान्य ड्यूटी सहायता।
  • उम्मीदवार प्रशिक्षण के बाद जूनियर सॉफ्टवेयर डेवलपर, फील्ड तकनीशियन और जनरल ड्यूटी असिस्टेंट (मेडिकल) की भूमिकाओं के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे।
  • प्रत्येक श्रेणी के लिए लगभग 20 से 40 उम्मीदवारों का नामांकन किया जाएगा।
  • प्रशिक्षण अवधि पूरी होने पर उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।

इंदौर जिले में जिन स्कूलों का चयन किया गया है इनमें शासकीय उत्कृष्ट बाल विनय मंदिर, अहिल्याश्रम क्रमांक एक और क्रमांक दो व मालव कन्या विद्यालय मोती तबेला में बच्चों को जूनियर सॉफ्टवेयर डेवलपर तथा महू के उत्कृष्ट विद्यालय शामिल  हैं। पूरे मध्य प्रदेश में स्किल हब के तौर पर 161 स्कूलों का चयन किया गया है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *