कोरोना महामारी से ग्रसित इंदौर में गंभीर मामले भयंकर रूप से बढ रहे हैं और उनके साथ प्लाज़्मा थेरेपी का उपयोग भी बढ़ रहा है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए इंदौर डिवीज़न के नगर प्रशासन ने यह आदेश दिया है की प्राइवेट अस्पताल प्लाज़्मा थेरेपी करने के लिए अधिकतम 11000 रुपये का शुल्क ले सकते हैं। ये तब जारी हुआ जब अधिकारियों ने यह देखा की प्लाज़्मा थेरेपी के लिए मरीज़ों से अनुचित मूल्य लिया जा रहा है।

इंदौर डिवीजन के सभी 8 जिलों में आदेश लागू


रिपोर्ट के अनुसार इंदौर डिवीज़नल कमीशनर पवन शर्मा ने कहा की कोरोना मरीज़ों की प्लाज़्मा थेरेपी के लिए प्राइवेट अस्पतालों में 15000 रुपये से लेकर 25000 रुपये तक लिए जा रहे थे। अब इस आदेश के लागू होने के बाद इंदौर डिवीज़न के 8 जिलों के मरीज़ों से प्लाज़्मा थेरेपी के लिए 11000 रुपये से अधिक नहीं लिए जा सकते।

रिपोर्ट के अनुसार ये निर्देश इंदौर, धार, खरगोन, बरवानी, अलीराजपुर, झाबुआ, खंडवा और बुरहानपुर में लागू रहेंगे। इसके अलावा यह भी बताया गया है की ये 11000 प्रति यूनिट के शुल्क में एक एंटीबॉडी,एचआइवी, हेपेटाइटिस और ब्लड काउंट टेस्ट शामिल हैं।

यह उल्लेखनीय है की यह सुविधा सरकारी अस्पताल में निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। यह स्वास्थ्य के लिए लाभकारी प्लाज्मा ट्रांसफ्यूजन के एक भाग के रूप में कोरोना से रिकवर हो चुके व्यक्ति के शरीर से एंटी बॉडीज को कोरोना संक्रमित मरीज़ के शरीर में ट्रांसफर किया जाता है और इससे मरीज़ के इम्यून सिस्टम को बूस्ट किया जाता है जिससे फिर मरीज़ को रिकवर होने में सहायता मिलती है। जबकि मेडिकल फ्रटर्निटी में इस उपाय के अपेक्षित प्रभावों पर बहस चलती रहती है, लेकिन अब तक यही पाया गया है की इस थेरेपी के परिणाम लाभदायक हैं।