कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रसार के चलते इंदौर, भोपाल समेत पूरे मध्य प्रदेश में 15 मई तक जनता कर्फ्यू को बढ़ा दिया गया है। गुरूवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने यह आदेश दिया की संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने के लिए आवश्यक प्रावधानों के अतिरिक्त सभी सुविधाएं और गतिविधियां इस दौरान सख्ती से बंद रहेंगी। वर्तमान समय में, राज्य कोरोना की 18% हाई पाजिटिविटी रेट के साथ झूझ रहा है जो संक्रमण के दूसरे लहर के प्रकोप के बीच बड़े खतरे को दर्शाता है।

इंदौर समेत पूरे मध्य प्रदेश में संपूर्ण लॉकडाउन


मध्य प्रदेश में सामान्य स्थिति को फिर से बनाने के लिए, मुख्यमंत्री ने 15 मई तक राज्य भर में सभी सार्वजनिक गतिविधियों को पूरी तरह से बंद कर दिया है। उन्होंने सभी लोगों से नियमों का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया है, ताकि कोरोना संक्रमण की भयावह स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सके। इससे पहले 29 अप्रैल को, राज्य सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए 7 मई तक जनता कर्फ्यू लगाया था।

प्रेस में दिए गए एक कथन में मुख्यमंत्री ने यह बताया की सुविधाओं को बहुत लंबे समय तक बंद नहीं रखा जा सकता, लेकिन बढ़ते हुए संक्रमण दर के चलते खोला भी नहीं जा सकता है। इसी के साथ, उन्होंने जनप्रतिनिधियों को मई में शादियों और इसी तरह के सामूहिक कार्यक्रमों को ना करने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री ने प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर रहने के लिए आम जनता के साथ सभी सरकारी,नागरिक और स्वास्थ्य अधिकारियों के प्रति आभार प्रकट किया है। उन्होंने जिला अधिकारीयों को भीड़ को रोकने के उपायों की समीक्षा करने और वायरल लोड पर अंकुश लगाने के लिए सामूहिक समारोहों को रोकने का काम आदेश दिया है।

मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार हुई तेज


पिछले 24 घंटों में मध्य प्रदेश में 12,421 नए कोरोना मामले सामने आये हैं, जिसमें सबसे अधिक 1,792 नए कोरोना मामले इंदौर में दर्ज किये गए हैं। वायरस की वृद्धि दर (growth rate) को 18% हाई पाजिटिविटी रेट के साथ 2.1% पर आंका गया है, जो यहां महामारी की परेशानी को बढ़ाता है। मध्य प्रदेश में 5,42,632 रिकवरी हुई है, जबकि इंदौर का रिकवरी रेट 1,08,493 डिस्चार्ज किये गए मरीज़ों के साथ सबसे अधिक है। इंदौर में मृत्यु दर 1,184 है और राज्य स्तर पर 6,160 है। मुख्यमंत्री ने 'किल कोरोना अभियान पार्ट-2' को लेकर गुरुवार को हुई वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में कहा कि अब कोरोना कर्फ्यू का सख्ती से पालन करना होगा। गांवों में संक्रमण नहीं रोका गया, तो स्थिति काबू से बाहर हो जाएगी।