शहर में कोविड संक्रमणों की चेन को तोड़ने के प्रयास में, इंदौर नगर निगम ने बड़े पैमाने पर सैनेटाइज़ेशन कार्यक्रम शुरू किया है। नगर निगम ने कॉलोनियों को एक निर्धारित अंतराल पर कीटाणुरहित करने के लिए एक कार्यक्रम तैयार किया है, सभी सार्वजनिक स्थानों को नियमित रूप से सैनेटाइज़ किया जा रहा है। कथित तौर पर, इस अभियान का संचालन करने के लिए सुबह से शाम तक 57 ट्रैक्टर ट्रालियां और 9 ट्रैक्टर टैंकर चलते हैं।

नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील स्थानों पर चलाया जा रहा हैअभियान


इस पहल के एक भाग के रूप में, कोविड अस्पतालों, कोविड देखभाल केंद्रों, बुखार क्लीनिकों और नेहरू स्टेडियम व दशहरा मैदान में ड्राइव-इन टेस्टिंग सेंटर्स को रोजाना डिस्इंफेंक्ट किया जा रहा है। इसके अलावा, इस कार्यक्रम के तहत सभी श्मशान और दफन मैदानों को नियमित रूप से सैनेटाइज़ किया जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण तुकोगंज, सिंधी कॉलोनी, विशु पुरी, साकेत नगर, खजराना, कनाडिया, तिलक नगर, टेलीफोन नगर, पत्रकार कॉलोनी, सुखदेव नगर, नर्मदा कॉलोनी, विनोबा नगर और अन्य क्षेत्रों में सैनेटाइज़ेशन कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अभियान के पीछे मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वायरस के फैलने की गति को नियंत्रित किया जा सके। इसके अतिरिक्त, मच्छरों के आगामी मौसम को देखते हुए वेक्टर जनित रोगों के प्रसार को रोकने के लिए इंदौर में फॉगिंग मशीनों का भी संचालन शुरू किया गया है।

इसके अलावा, अधिकारियों को शहर के सभी कंटेनमेंट क्षेत्रों में कीटाणुनाशक योजनाओं को लागू करने का निर्देश दिया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार नगर आयुक्त (Municipal Commissioner) नियमित दौरे और निरीक्षण के माध्यम से खुद इन गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। इन उपायों को देखते हुए, यह कहा जा सकता है कि, भारत के सबसे स्वच्छ शहर का नगर निगम अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।