इंदौर में चल रहे लम्बे समय के कड़े कर्फ्यू के बाद अब कोरोना के मामलों में काफी गिरावट आई है और इसी के चलते शहर के नागरिक रात की सांस ले रहे हैं। हाल ही में जिले की संकट प्रबंधन समिति ने संकेत दिया है कि इंदौर प्रशासन जल्द ही कर्फ्यू में ढील देना शुरू कर सकता है। जबकि वर्तमान संक्रमण दर 5% से ऊपर है, कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने से अगले 2-3 दिनों में इसे कम करने में मदद मिल सकती है। अगर इंदौर में कोरोना की संख्या नियंत्रण में रहती है, तो 1 जून से अनलॉक की प्रक्रिया को भी शुरू किया जा सकता है।

एमपी के 45 जिलों में 1 जून से शुरू होगा अनलॉक


इंदौर, भोपाल, सागर, रतलाम, रीवा, अनूपपुर और सीधी जिलों के अलावा मध्य प्रदेश के सभी 45 जिलों में 1 जून से 'अनलॉक' की घोषणा की गई है। इन जिलों में वीकली पॉजिटिविटी दर 5% से कम है और डब्ल्यूएचओ (WHO) के दिशानिर्देशों के अनुसार, यदि सकारात्मकता दर इस प्रतिशत से कम होता है, तो कर्फ्यू के दिशानिर्देशों में ढील दी जा सकती है। इंदौर में इस समय पॉजिटिविटी दर 6-7% के बीच दर्ज किया गया है और इसके 2-3 दिनों में कम होने का अनुमान है। अगर ऐसा होता है तो जिला संकट प्रबंधन समिति के अनुसार मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों के समान इंदौर में भी 1 जून से अनलॉक शुरू कर सकता है।

जिला कलेक्टर, डीआईजी पुलिस और नगर आयुक्त सहित इंदौर का जिला प्रशासन व्यक्तिगत रूप से विभिन्न इलाकों का दौरा कर स्थिति का आकलन कर रहा है। इंदौर के जिला प्रशासन द्वारा निवासियों से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने और जल्द से जल्द टीका लगाने की अपील की गई है। संभवतः इन बुनियादी कदमों से पॉजिटिविटी दर को कम करने में मदद मिलेगी।